बलिया से मुंबई जा रही कामायनी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में टिकट चेकिंग के दौरान डिप्टी सीटीआई और एक कॉन्स्टेबल यात्री के बीच मारपीट हो गई। विवाद बिना टिकट यात्रा और जुर्माना न भरने को लेकर हुआ, जिसमें कॉन्स्टेबल ने डिप्टी सीटीआई को हाथ-मुक्कों से पीटा। इससे उनके गाल से खून निकलने लगा। घटना रानी कमलापति से नर्मदापुरम स्टेशन के बीच हुई। सूचना मिलने पर आरपीएफ ने नर्मदापुरम में आरोपी कॉन्स्टेबल को और इटारसी में उसके पिता को ट्रेन से उतार लिया। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। डिप्टी सीटीआई राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी यात्री खुद को मुंबई जीआरपी में पदस्थ बता रहा था। वे कुल चार लोग मुंबई जा रहे थे। उनके पास एस-6 कोच में केवल 26 नंबर की एक ही टिकट कन्फर्म थी। बाकी तीन लोगों का टिकट कन्फर्म नहीं था। जुर्माना मांगा तो शुरू की बदतमीजी
राजेश कुमार के मुताबिक, जब उन्होंने बाकी यात्रियों का फाइन भरने के लिए कहा, तो वे उल्टा बदतमीजी करने लगे। आरोपी ने उनसे झूमाझटकी की और उनके पास रखा सामान भी छुड़ा लिया। विवाद बढ़ने पर कॉन्स्टेबल ने डिप्टी सीटीआई को बुरी तरह पीटा। मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा
भोपाल रेलवे कंट्रोल को सूचना देने के बाद ट्रेन नर्मदापुरम स्टेशन पहुंची। यहां आरपीएफ और जीआरपी की मदद से डिप्टी सीटीआई और आरोपी कॉन्स्टेबल को उतारा गया। दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका मेडिकल हुआ। डिप्टी सीटीआई के चेहरे पर आई चोट का इलाज किया गया। आरोपी बोला- मेरे पिता को घसीटा
मारपीट करने वाला यात्री शिवम सिंह मुंबई बोरीवली में कॉन्स्टेबल है। वह अपने माता-पिता के साथ बोरीवली जा रहा था। शिवम सिंह ने भी ऑन ड्यूटी डिप्टी सीटीआई पर अभद्रता का आरोप लगाया है। उसका कहना है, “हमें कोच से उतारने के लिए आरपीएफ को बुलाया और मेरे पिता को घसीटा।” सभी को थाने ले गई जीआरपी
घटना के बाद आरोपी के पिता को इटारसी रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। इसके बाद सभी पक्षों को इटारसी जीआरपी थाने ले जाया गया है। जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने बताया कि कोच में झगड़ा हुआ है और पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


