दुर्ग से नवा रायपुर तक बनने वाली नई सड़क का काम करीब डेढ़ साल से अटका है। इस वजह से लोगों को दुर्ग-रायपुर होते हुए नवा रायपुर जाने के लिए करीब 75 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। नई सड़क बनने के बाद यही दूरी घटकर 55 किमी हो जाएगी। क्योंकि लोगों को दुर्ग से रायपुर शहर की ओर नहीं आना पड़ेगा। वे सीधे नवा रायपुर पहुंच सकेंगे। इससे लोगों के लगभग 30 मिनट बचेंगे। करीब सात सिग्नल पर रुकना भी नहीं पड़ेगा। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन डेढ़ साल से इस सड़क का काम अटका हुआ है। दुर्ग और रायपुर के बीच कई हिस्से में करीब 16 किमी तक सड़क बनाने का काम बंद है। एनएचएआई केवल 14 किलोमीटर तक ही सड़क बना पाई है। बाकी 79 किमी का काम अभी तक अधूरा है। एनएचएआई को इस काम को जून 2025 तक काम पूरा करना था। लेकिन जमीन अधिग्रहण नहीं होने की वजह से अब यह काम जुलाई 2026 में पूरा होगा। रायपुर जिला प्रशासन पिछले डेढ़ साल से भू-अधिग्रहण नहीं करा पा रही है। इस वजह से प्रोजेक्ट लेट चल रहा है। निर्माण काम से जुड़े अफसरों का दावा है कि समय बढ़ने से प्रोजेक्ट की लागत 180 करोड़ बढ़ गई है। रायपुर जिले में कोलार, बिरोदा, केंद्री, झांकी, गोइंदा और निसदा में 8 किमी और दुर्ग जिले में पुनियाडीह, देवादा, बठेना, धनोरा, उमरपोटी, हनौदा, पुरई, बोरीगारका में 8 किमी की सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण नहीं हो पाया है। नई सड़क बन जाने के बाद दुर्ग से नवा रायपुर तक के सफर में 30 मिनट तक बचेंगे। इसलिए जमीन का अधिग्रहण नहीं कर पा रहे
दुर्ग से आरंग के तारागांव के बीच भारतमाला परियोजना के तहत करीब 92.5 किमी सिक्सलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। यह सड़क सड़क राजनांदगांव, दुर्ग, पाटन, अभनपुर और आरंग तहसील से होकर गुजरेगी। इसके लिए 3 जिले के 2330 किसानों की जमीन अधिग्रहित करनी है। इसमें दुर्ग व पाटन ब्लॉक के 26 गांव के 1349 किसानों की करीब 10 किमी जमीन भी शामिल है। रायपुर में करीब 8 किमी के हिस्से में जमीन का अधिग्रहण करना है। किसान जमीन का मुआवजा स्क्वायर मीटर के हिसाब से मांग रहे लेकिन एनएचएआई हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा तय कर रही है। इससे प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ रहा। कुल लंबाई 92 किमी… 39 अंडरब्रिज, 2 फ्लाईओवर बनेंगे मुंबई-कोलकाता इकोनॉमी कॉरीडोर के तहत बन रही दुर्ग-रायपुर बायपास की कुल लंबाई 92.50 किलोमीटर होगी। यह सड़क राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर जिले से क्रॉस होगी। सड़क की चौड़ाई 70 मीटर है। इस सड़क में कुल 6 बड़े पुल, 27 छोटे पुल, 167 पुलिया, 2 फ्लाईओवर और 39 अंडरब्रिज बनेंगे। यानी सड़क जहां-जहां से गुजरेगी वहां का ट्रैफिक स्मूथ होता जाएगा। नए फ्लाइओवर और अंडरब्रिज से लोग किसी भी जगहों पर आसानी से जा सकेंगे। लेटलतीफी के लिए ये अफसर जिम्मेदार… अब बोल रहे, काम पूरा होगा जल्द जमीन अधिग्रहण का काम अटका है। किसानों को जो मुआवजा मिल रहा है उसे ले लेना चाहिए। उनको लगता है पैसा कम है तो कमिश्नर कार्यालय में अपील करें। वहां से जो आदेश आएगा मान्य करेंगे। इससे प्रोजेक्ट समय पर पूरा होगा।
दिग्विजय सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर 225 खसरे का अधिग्रहण करना था। अभी 115 के अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो गई है। जमीन के 100 खसरे पर आपत्ति है। जमीन का मामला है दस्तावेजों की जांच करनी पड़ती है। जो आपत्ति लगी है उसका निराकरण तो करना ही होगा।
लवकेश कुमार, एसडीएम पाटन भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत सड़क बनाने का का कम चल रहा है। हमारे क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो गई है। लेकिन एनएचएआई के अफसरों ने कुछ चीजों पर आपत्ति लगाई है। अभी इसी का जवाब दिया जा रहा है।
हरिवंश सिंह मिरी, एसडीएम दुर्ग रायपुर जिले में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो गई है। 17 गांव में अधिग्रहित जमीन का पैसा बांटा जा रहा है। केवल एक गांव की जमीन ही बाकी है। इसमें कुछ इश्यू है उसे ही निपटा रहे हैं। जमीन रिकार्ड बनवाने में थोड़ा लेट हुआ है।
रवि सिंह, एसडीएम अभनपुर


