छतरपुर में ओबीसी महासभा (रजि.) ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सामाजिक व संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा तथा IAS संतोष वर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। महासभा ने जिला प्रशासन और राज्य शासन से निष्पक्ष निर्णय तथा संवैधानिक प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की अपील की है। महासभा ने कहा कि संविधान लागू होने के लगभग 75 वर्ष बाद भी ओबीसी वर्ग सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर और न्याय के लिए संघर्षरत है। उन्होंने प्रशासनिक निर्णयों में निष्पक्षता और पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। ज्ञापन में IAS संतोष वर्मा के प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा गया कि उनके कार्यकाल में सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की आवाज को मजबूती मिली थी। महासभा ने वर्तमान विवाद में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की। जिला अध्यक्ष तीरथ कुशवाहा ने बताया कि सोशल मीडिया पर IAS संतोष वर्मा का 27 मिनट का भाषण था, जिसे कुछ लोगों द्वारा केवल 7 सेकंड के वीडियो के रूप में तोड़-मरोड़कर वायरल किया जा रहा है। उन्होंने इसे छवि धूमिल करने की साजिश बताते हुए पूरे संदर्भ को सामने रखने की मांग की। महासभा ने ओबीसी वर्ग के लिए “पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण अधिनियम” के गठन पर विचार करने की मांग की। उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू न होने और 13 प्रतिशत आरक्षण पर रोक लगे होने का मुद्दा भी उठाया। इसके अतिरिक्त, महासभा ने सरकार के वादे के बावजूद धान का समर्थन मूल्य 31 रुपए घोषित होने के बाद भी 23 रुपए में खरीदे जाने पर चिंता व्यक्त की। ओबीसी महासभा ने अपने नेता और कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने का मुद्दा भी उठाया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो छतरपुर में जाम और कलेक्ट्रेट घेराव सहित प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।


