सिंगरौली में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली कंपनी के काउंटर पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई। बैढ़न स्थित सामुदायिक भवन में सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी थीं, और दोपहर तक स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कई बार विवाद की नौबत आई और नाराज उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा किया। लोग बोले-बिजली बिल जमा, फिर भी मिला नोटिस लोक अदालत में पहुंचे उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके बिजली बिल पहले से जमा थे, फिर भी उन्हें बकाया राशि के नोटिस भेजे गए और कई मामलों में बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए। दोपहर करीब 3 बजे सासन इलाके से आए अशफाक खान ने काउंटर पर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि उनका बिजली बिल केवल 94 रुपए था, इसके बावजूद उनका कनेक्शन काट दिया गया और लोक अदालत में पेश होने का नोटिस थमा दिया गया। सामुदायिक भवन परिसर में काफी देर तक हुआ हंगामा इसी तरह, गनियारी क्षेत्र के रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि लोक अदालत में बैठे कुछ अधिकारी अपने जान-पहचान वालों का भुगतान पहले स्वीकार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आम लोग सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा था। इन आरोपों के बाद सामुदायिक भवन परिसर में काफी देर तक हंगामा जारी रहा। लोक अदालत में रखे गए 4800 प्रकरण इस मामले पर बिजली कंपनी के अधीक्षक यांत्रिक अजीत सिंह बघेल ने जानकारी दी कि लोक अदालत में कुल 4800 प्रकरण रखे गए हैं। विभाग का जुर्माना सहित लगभग 6 करोड़ रुपए बकाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक अदालत के माध्यम से 2000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। अधिकारी बोले-मामले की जांच कर करेंगे कार्रवाई हंगामे पर सफाई देते हुए अजीत सिंह बघेल ने कहा कि कई उपभोक्ताओं को अपने मामलों की पूरी जानकारी नहीं होती। उन्होंने बताया कि कुछ लोग नियमित बिल जमा करते हैं, लेकिन अलग तार से बिजली चोरी भी करते हैं, जिस पर अलग से जुर्माना लगाया जाता है। बघेल ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में मौके पर प्रकरण बनता है, लेकिन विवाद की आशंका के चलते तुरंत बिजली नहीं काटी जाती। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी कर्मचारी की ओर से पक्षपात किया गया होगा, तो विभाग इसकी जांच करेगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


