महाराणा भूपाल (एमबी) चिकित्सालय में मरीजों की सुविधा के लिए नई पहल की गई है। अब यहां पर्ची बनवाने के लिए क्यूआर कोड जारी किया गया है। इसे स्कैन कर मरीज खुद पर्ची बना सकेंगे। इसके अलावा इस कोड के जरिये अस्पताल पहुंचने से पहले ही पर्ची बनाई जा सकेगी। हालांकि, इसका प्रिंट अस्पताल से ही लेना होगा। इसके लिए अलग से खिड़की होने से लाइन में लगने जैसी समस्याओं के अलावा अन्य दिक्कतों से मुक्ति मिलेगी। अधीक्षक डॉ आरएल सुमन ने बताया कि अभी तक सिर्फ प्ले स्टोर से मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कर ही इस तरह की पर्ची बनवाई जा सकती थी। अभी जानकारी के अभाव में ऑनलाइन एप के रजिस्ट्रेशन से प्रतिदिन औसत 5-8 मरीज आते हैं। अब यह संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है। लोगों को क्यूआर कोड के प्रति जागरूक करने के लिए रोगी मित्र हेल्प डेस्क पर भी इसकी जानकारी दी जा रही है। ऐसे बना सकते हैं पर्ची मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही आईएसएमएस की वेबसाइट खुलेगी। इस पर मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद ओटीपी आएगी। इसे डालकर लॉगिन करना होग। फार्म खुलते ही विभाग, मरीज का नाम, पता आदि डालने होंगे। सभी डिटेल्स भरते ही पंजीकरण संख्या के साथ रसीद बन जाएगी। इसे न्यू ओपीडी के काउंटर नंबर 10 पर जाकर पंजीकरण संख्या दिखानी होगी। वे पर्ची बनाकर दे देंगे। नई सुविधा से यह होगा फायदा |नलाइन पर्ची वालों के लिए अलग से 10 नंबर काउंटर यह क्यूआर कोड न्यू ओपीडी बिल्डिंग में जगह-जगह लगाए गए हैं। अभी न्यू ओपीडी में रोज एक हजार से अधिक लोग पहुंचते हैं। इनमें नाक-कान-गला, आंख, मेडिसन, सर्जरी व फिजियोथेरेपी के रोग शामिल होते हैं। ऑनलाइन पर्ची बनवाने वालों के लिए अलग से 10 नंबर काउंटर है। यह सिर्फ इन्हीं के लिए होगा। इसके अलावा अस्पताल में महिला, पुरुष, वृद्धजन, स्टाफ, दिव्यांग, आरजीएचएस समेत अन्य रोगियों के लिए काउंटर नबंर 8-9 हैं। अस्पताल में अभी साफ-सफाई आदि की शिकायत को लेकर भी क्यूआर कोड लगे हुए हैं। इस पर मरीज वॉशरूम, वार्ड आदि में गंदगी होने की शिकायत कर सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि शिकायत प्राप्त होते ही इस पर एक्शन होता है।


