जेल के नियम बदलने का ड्राफ्ट तैयार:आंबेडकर जयंती, महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी पर बंदियों को मिलेगी सब्जी, खीर और पूड़ी

दूसरे राज्यों की तरह अब मध्यप्रदेश की जेलों में बंद खास बंदियों को पैरोल के साथ फरलो का लाभ मिलेगा। अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता बंदियों को साल में तीन बार मिलने वाली पैरोल के अलावा 15 दिन के लिए फरलो पर रिहा किया जाएगा। फरलो की अवधि सजा में शामिल होगी, जबकि पैरोल की अवधि नहीं जोड़ी जाएगी। नए प्रावधान संशोधित जेल नियमावली 2024 में शामिल हैं, जो शासन की मंजूरी के बाद लागू होगी।
जेल नियमावली में सुधार के तहत आंबेडकर जयंती, जन्माष्टमी और महाशिवरात्रि पर बंदियों को सब्जी, खीर-पूड़ी दी जाएगी। आम दिनों में भोजन की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाने के साथ मसाले, प्याज और सलाद का प्रावधान किया गया है। बंदियों को अब साल में तीन जोड़ी कपड़े और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा। बुजुर्ग, मानसिक रोगी और ट्रांसजेंडर बंदियों की विशेष देखभाल के प्रावधान किए गए हैं। बंदियों के सुधार के लिए दंडादेश योजना बनाई गई है। इसमें सजा के अनुसार पुनर्वास योजना तैयार होगी और रिहाई से पहले उन्हें रोजगार प्रशिक्षण दिया जाएगा। सेमी ओपन जेल का भी प्रावधान किया गया है, जहां बंदी जेल से बाहर रहकर काम करेंगे, पर परिवार के साथ नहीं रह सकेंगे। इसी सा​ल से लागू होगा मैन्युअल लंबे समय बाद जेलों के लिए नया मैन्युअल तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी के लिए ड्राफ्ट भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इसे 14 अप्रैल तक लागू करने की योजना है।
जीपी सिंह, डीजी जेल,मप्र

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