हनुमानगढ़ में 17 दिसंबर को जिला कलेक्ट्रेट पर संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से प्रस्तावित महापंचायत के लिए किसान गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। इस बीच, सरकार इस मामले में बैकफुट पर दिख रही है। हनुमानगढ़ पहुंचे प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने एथेनॉल फैक्ट्री के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि वे इसके विशेषज्ञ नहीं हैं। मंत्री गोदारा ने जोर देकर कहा कि समस्या का समाधान बातचीत से ही होगा और सरकार इसके लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि फैक्ट्री का एमओयू कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। गोदारा ने कहा कि शुरुआत में हर नई चीज का विरोध होता है। दूसरी ओर, किसान नेता मंगेज चौधरी, रेशम सिंह मानुका और जगजीत जग्गी के नेतृत्व में किसानों ने टिब्बी क्षेत्र के गांवों में जाकर महापंचायत के लिए लोगों को आमंत्रित किया। मंगेज चौधरी ने कहा कि फैक्ट्री का काम अब रोका गया है, लेकिन यदि यह कदम पहले उठाया जाता तो 10 दिसंबर की घटना नहीं होती। किसान संगठन अब फैक्ट्री के एमओयू को रद्द करने और 10 दिसंबर की घटना के संबंध में किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं ने बताया कि 17 दिसंबर को होने वाली महापंचायत में देश के बड़े किसान नेता राकेश टिकैत, जोगेंद्र उगराह, कंवर ग्रेवाल, सांसद अमराराम और सांसद हनुमान बेनीवाल भी शामिल होंगे।


