सिवनी जिले के उगली थाना क्षेत्र में बीते माह एक रेत खदान विवाद में गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें एक युवक को गोली लगी थी। इस मामले में पीड़ित परिवार ने उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार पर झूठी गवाही के लिए दबाव बनाने और समाज को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसकी शिकायत हाल ही में प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा से की गई, जिसके बाद मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवार के सदस्यों का आरोप है कि थाना प्रभारी गोदेवार ने उन्हें गोली चलाने वाले के रूप में अनुराग तिवारी का नाम लेने के लिए मजबूर किया। उनका यह भी कहना है कि गोदेवार ने समाज विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। हालांकि, कुछ दिनों पहले पवार समाज के लोगों ने भी पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी गोदेवार को जांच से हटा दिया था और आरोपों की जांच केवलारी एसडीओपी को सौंपी थी। इस मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष मीना बिसेन और केवलारी विधानसभा के पूर्व विधायक ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ये है पूरा मामला यह घटना 19 नवंबर को उगली थाना क्षेत्र के खुर्सीपार स्थित रेत खदान में हुई थी। दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें इमली टोला निवासी विकास पटले के पेट में गोली लग गई थी। घटना के बाद उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार ने रेत खदान से जुड़े अनुराग तिवारी, प्रदीप ठाकुर, लवलीन सिंह सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अनुराग तिवारी और प्रदीप ठाकुर को गिरफ्तार किया, और बाद में एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि गोलीकांड के बाद से ही जांच कर रहे सदानंद गोदेवार ने घायल विकास पटले के चाचा अनिल पटले और रिपोर्ट दर्ज कराने वाले योगीनाथ पटले पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनसे कहा जा रहा था कि वे गोली चलाने में अनुराग तिवारी का नाम लें, क्योंकि अनिल पटले इस घटना के चश्मदीद गवाह हैं। आरोप है कि थाना प्रभारी गोदेवार अनिल पटले को अपने शासकीय वाहन से जेल ले गए और रास्ते भर उन पर यह दबाव बनाते रहे कि वे शिनाख्ती परेड में अनुराग तिवारी को पहचान लें और यही बयान दें कि अनुराग तिवारी ने गोली चलाई थी।
जब अनिल पटले ने थानेदार से कहा था कि मैंने जब देखा ही नहीं की गोली किसने चलाया तो मैं किसी व्यक्ति का नाम कैसे ले सकता हूं। जिसके बाद उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार गुस्से से आग बबूला हो गए और जेल के बाहर दुर्व्यवहार किया। टीआई बोले- गवाह खुद अपनी बात पलटा इस मामले ने उगली थाना प्रभारी सदानंद गोदेवार का कहना है कि पहले उन्हीं लोगों ने उनका नाम लिया था, जिस आधार पर एफआईआर की गई। अब वहीं लोग मुझपर आरोप लगा रहे हैं और समाज को लेकर मैंने कोई अशोभनीय बात नहीं कही। जांच से हटाकर, SDOP को सौंपा मामला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता का कहना है कि उगली थाना प्रभारी की शिकायत मिली है, उन्हें जांच से हटा दिया गया है और पवार समाज को लेकर टिप्पणी करने की शिकायत भी मिली है जिसकी जांच केवलारी एसडीओपी को सौंपी गई है।


