आजमगढ़ जिले के लालगंज लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा सरोज के पोते मर्चेंट नेवी ऑफीसर विपिन सरोज की गुरुवार रात सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। विपिन बुलेट से पल्हना भीटी में अपने मित्र के घर पूजा समारोह में गए थे। यहां से लौटते समय नरसिंहपुर गांव के पास बोलेरो ने बुलेट सवार विपिन को जोरदार टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मर्चेंट नेवी में काम करते थे विपिन सरोज सपा सांसद दरोगा सरोज के पोते विपिन सरोज मर्चेंट नेवी में काम करते थे और घर आए हुए थे। विपिन सरोज मर्चेंट नेवी में सेकंड ऑफिसर थे। और विगत 10 वर्ष से नौकरी कर रहे थे। डेढ़ महीने से घर पर छुट्टी में आए थे। विपिन सरोज जल्दी अमेरिका जाने वाले थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। घटना के समय समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा सरोज दिल्ली में मौजूद थे। सूचना मिलने के बाद सांसद दरोगा सरोज भी अपने घर पहुंच गए हैं। वहीं डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मौत की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। विपिन सरोज के पिता विनोद सरोज की मौत हो चुकी है। विपिन की शिक्षा दीक्षा आजमगढ़ में हुई है। चार दिन में उनकी छुट्टियां खत्म होने वाली थीं। छुट्टी से वापस जाने के बाद विपिन सरोज को अमेरिका जाना था। पढ़िए सपा सांसद दरोगा सरोज के बारे में 1991 से सियासी सफर शुरू करने वाले दरोगा सरोज ने पहले विधानसभा चुनाव में महानगर विधानसभा सीट से समाजवादी जनता पार्टी के सिंबल पर लड़ा और हार गए। वर्ष 1993 में सपा-बसपा गठबंधन से मेहनगर विधानसभा सीट से पहली बार दरोगा सरोज विधायक बने। वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने लालगंज से प्रत्याशी बनाया लेकिन वे चुनाव हार गए। 1998 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने दरोगा को टिकट दिया और उन्होंने जीत दर्ज की, लेकिन अगले ही साल 1999 के लोकसभा चुनाव में वे लालगंज से चुनाव हार गए। 2004 में सरोज ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और बसपा प्रत्याशी को हराकर दूसरी बार सांसद बने। 2009 का लोकसभा चुनाव दरोगा सरोज हार गए और तीसरे पायदान पर पहुंच गए। 2012 में उन्हें विधायकी का भी टिकट नहीं मिला तो 2014 में बीजेपी ज्वाइन कर ली। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दरोगा सरोज को लालगंज से विधानसभा का टिकट दिया। लेकिन वह हार गए। 2019 में जब अखिलेश यादव आजगमढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ने पहुंचे तो दरोगा का दोबारा हृदय परिवर्तन हुआ और वे सपाई बन गए। साल 2024 में आजमगढ़ की लालगंज लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में दरोगा सरोज जीत गए।


