झाबुआ में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के गोमांस की अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान के बाद, रविवार को प्रशासन ने मीट विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई मेघनगर में गौहत्या का मामला इंदौर पहुंचने के बाद तेज हुई है। कुमाहरवाड़ा क्षेत्र में मांस की तलाशी के लिए पहुंची थी टीम प्रशासन का दल रविवार को झाबुआ के कुमाहरवाड़ा क्षेत्र में मांस की तलाशी के लिए पहुंचा। इस दल में तहसीलदार सुनील डावर, खाद्य अधिकारी राहुल अलावा, पशु चिकित्सा टीम और नगर पालिका का अमला शामिल था। टीम ने लगभग दस स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। हालांकि, उन्हें कहीं भी गोमांस या कोई अन्य अवैध सामग्री नहीं मिली। फूड सेफ्टी लाइसेंस न होने पर 10 प्रकरण दर्ज गोमांस न मिलने के बावजूद, प्रशासन ने पंचनामा बनाया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई। खाद्य अधिकारी राहुल अलावा ने बताया कि निरीक्षण में फूड सेफ्टी लाइसेंस न होने के कारण दस प्रकरण दर्ज किए गए। मांस न मिलने पर, दल ने सार्वजनिक स्थानों पर किए गए मामूली अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई भी की। प्रशासन की इस कार्रवाई पर झाबुआ यूथ के विनय वर्मा ने सवाल उठाए अवैध मांस बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की रखी मांग हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने लंबे समय से अवैध मांस बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से उनमें असंतोष है। इस निरीक्षण को लेकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।


