51 साल बाद स्कूल पहुंचे पुराने सहपाठी:बालाघाट के उत्कृष्ट स्कूल में प्रार्थना कर कक्षा में लगाई अटेंडेंस; देश-विदेश से आए

बालाघाट में 51 साल बाद पुराने सहपाठी एक बार फिर अपने स्कूल पहुंचे और बचपन की यादों में खो गए। इस खास मौके पर उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों की तरह प्रार्थना की, कक्षा में बैठकर अटेंडेंस लगाई और पुराने दिनों को फिर से जीया। यह आयोजन ‘बाल सखा मिलन समारोह’ के तहत किया गया। 70 के दशक के छात्र एकत्रित हुए यह आयोजन वर्तमान शासकीय उत्कृष्ट स्कूल, जिसे पहले गवर्नमेंट स्कूल के नाम से जाना जाता था, में हुआ। यहां 70 के दशक में 9वीं से 11वीं तक साथ पढ़े विद्यार्थी एकत्र हुए। 60 से 70 वर्ष की आयु के इन बुजुर्गों ने स्कूल परिसर में घूमकर अपनी पुरानी यादें ताजा कीं। प्रार्थना और राष्ट्रगान से हुई शुरुआत समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान और प्रार्थना ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर ना हो’ से की गई। इसके बाद सभी पूर्व छात्र अपनी-अपनी पुरानी कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों की तरह बैठकर उपस्थिति दर्ज कराई। स्कूल परिसर और कक्षाओं को देखकर कई लोग भावुक हो गए। लंबे समय बाद मित्रों से मिलकर सभी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। किसी ने पुरानी शरारतों को याद किया तो किसी ने अपने शिक्षकों को याद कर भावुक हो गया। यह मिलन समारोह दोस्ती और अपनत्व का सजीव उदाहरण बना। स्कूल के लिए चैरिटी का संकल्प लिया इस अवसर पर सभी पूर्व छात्रों ने स्कूल के विकास के लिए चैरिटी करने का निर्णय लिया। एक फंड बनाने का संकल्प लिया गया, जिससे शाला के सेवानिवृत्त शिक्षकों और हर वर्ष स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। दोस्तों को बताया ‘ऑक्सीजन’ संस्था प्रभारी उमाशंकर पटले ने कहा कि इतने वर्षों बाद भी पूर्व छात्रों का स्कूल से जुड़ाव सराहनीय है। वहीं पूर्व छात्र डॉ. बी.एम. शरणागत ने मित्रों को ‘ऑक्सीजन’ बताते हुए कहा कि सच्चे मित्र कभी उदास नहीं होने देते और हर समय साथ खड़े रहते हैं। खंडवा से आए डॉ. संजय श्रीवास्तव ने 50 साल बाद स्कूल और मित्रों से मिलकर खुशी जाहिर की। पूर्व छात्र अभय सेठिया ने बताया कि वे सभी 51 साल पहले मैट्रिक में साथ पढ़े थे। देश-विदेश से पहुंचे साथी इस मिलन समारोह में 68 से 70 वर्ष आयु के साथी शामिल हुए, जो कनाडा, मुंबई, भोपाल, दिल्ली, बिलासपुर, रायपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर सहित अन्य शहरों से आए थे। सभी ने इस आयोजन को यादगार बताया और भविष्य में भी ऐसे मिलन समारोह आयोजित करने की इच्छा जताई।

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