ग्वालियर की दर्पण कॉलोनी में रहने वाले एक बुजुर्ग के साथ उनके ड्राइवर ने धोखाधड़ी की। ड्राइवर ने मालिक के मोबाइल से ऑनलाइन किस्तों में 16 लाख 5 हजार रुपए अपने दोस्त के खाते में ट्रांसफर कर दिए और बुजुर्ग को इस बात की भनक तक नहीं लगी। मामले का खुलासा तब हुआ जब बेंगलुरु में रहने वाली बुजुर्ग की बेटी को किसी कारणवश शक हुआ। वह ग्वालियर आईं और जांच के बाद थाटीपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। 70 वर्षीय मोहन सिंह नेगी दर्पण कॉलोनी में रहते हैं और शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी बेटी अपने पति के साथ बाहर रहती है। बुजुर्ग होने के कारण मोहन सिंह नेगी ने थाटीपुर निवासी अमन राज को ड्राइवर रखा हुआ था, जो घर के अन्य काम भी करता था। अमन राज ने किसी तरह मोहन सिंह नेगी के मोबाइल का पासवर्ड देख लिया। जब भी मोहन सिंह थोड़ी देर के लिए घर में कहीं और होते, अमन राज मौके का फायदा उठाकर मालिक के मोबाइल से अपने दोस्त हर्ष जनेरिया निवासी मुरार के खाते में पैसे ट्रांसफर कर देता था। 2 अक्टूबर से 30 नवंबर तक अमन राज ने कुल 16 लाख 5 हजार रुपए हर्ष जनेरिया को ट्रांसफर किए। आरोपी अमन राज कितना शातिर था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह पैसे ट्रांसफर करने के बाद बैंक से आने वाले मैसेज तुरंत डिलीट कर देता था, ताकि किसी को पता न चले। हालांकि, उसकी यह करतूत ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी। थाटीपुर थाने के टीआई विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पूछताछ पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उसने किस तरह पासवर्ड देखा और कब-कब रुपए ट्रांसफर किए, साथ ही कितनी रकम खर्च की गई।


