झाबुआ के किशनपुरी क्षेत्र स्थित श्री गौड़ी पार्श्वनाथ तीर्थेन्द्र धाम पर रविवार को भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। यह आयोजन पंच कल्याणक महोत्सव के तीसरे और प्रमुख दिवस के रूप में संपन्न हुआ। सुबह से लेकर रात तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। तप आराधना से हुई शुरुआत महोत्सव की शुरुआत अष्ठम तप और एकासने के तपस्वियों की तप आराधना के साथ हुई। इसके बाद प्रभु श्री पार्श्वनाथ भगवान को आकर्षक पालकी में विराजमान कर भव्य धार्मिक वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भव्य पालकी यात्रा निकली श्री तीर्थेंद्र सूरी समिति के सदस्य संजयकुमार कांठी और महोत्सव समिति के अध्यक्ष शुभम कोठारी ने बताया कि पालकी यात्रा परम पूज्य ज्ञान प्रेमी मुनिराज श्री पुष्पेन्द्र विजयजी मसा ‘पराग’, मालवा रत्न मुनिराज श्री जीतचन्द्र विजयजी मसा तथा साध्वी रत्नरेखा श्रीजी मसा सहित अन्य साधु-साध्वी भगवंतों के पावन सानिध्य में निकाली गई। यह यात्रा श्री गौड़ी पार्श्वनाथ तीर्थ से प्रारंभ होकर बैंड-बाजों और धार्मिक गीतों के साथ राजगढ़ नाका होते हुए पुनः तीर्थेन्द्र धाम पहुंची, जहां श्री संघ द्वारा साधु-साध्वियों की भव्य आगवानी की गई। रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजन मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी मसा ‘पराग’ ने बताया कि यह पंच कल्याणक महोत्सव पूज्य आचार्य देवेश श्रीमद् विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी मसा की प्रेरणा से तीर्थ स्थापना की 25वीं रजत जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रम दिन के कार्यक्रमों में दोपहर को श्री संघ की ओर से साधर्मी वात्सल्य का आयोजन किया गया। इसी दौरान श्री हेमेन्द्र सूरी महिला मंडल द्वारा प्रभु श्री पार्श्वनाथजी की पंच कल्याणक पूजन संपन्न कराई गई, जिसका लाभ संजयकुमार कांठी परिवार ने लिया। रात्रि में भक्ति और पुरस्कार वितरण रात्रि में प्रभु भक्ति का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भजन-भक्ति का आनंद लिया। इस दौरान लकी-ड्रा के माध्यम से टीवीएस स्कूटी और चांदी के सिक्कों का वितरण भी किया गया। अगले दिन दीक्षा कल्याणक का आयोजन समिति सदस्यों ने बताया कि पंच दिवसीय महोत्सव के चौथे दिन प्रभु श्री पार्श्वनाथ का दीक्षा कल्याणक मनाया जाएगा। इस अवसर पर एकासने, गुरुदेव की अष्टप्रकारी पूजन सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। अन्य जैन मंदिरों में भी हुए आयोजन इसके अलावा झाबुआ शहर के अन्य जैन मंदिरों में भी प्रभु श्री पार्श्वनाथ भगवान की विशेष पूजन-अर्चना और आरती की गई। इनमें श्री ऋषभदेव बावन जिनालय, दिलीप गेट स्थित महावीर बाग, दादावाड़ी गणधर मंदिर, श्री देवझिरी जैन तीर्थ और श्री विघ्नहरा विहार धाम फूलमाल शामिल हैं।


