अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर पर धार जिले में महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 19 दिसंबर तक ‘सेक्सुअल हैरसमेंट सप्ताह’ मनाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में रविवार को ग्राम जेतपुरा (धार) के सेक्टर भवन में सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम 2013 की जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि कार्यस्थल पर अवांछित शारीरिक, मौखिक या अमौखिक व्यवहार, अश्लील टिप्पणी या आपत्तिजनक मांगें यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आती हैं और ऐसी स्थिति में आंतरिक परिवाद समिति में शिकायत की जा सकती है। कानूनों की दी जानकारी
कार्यक्रम में घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, भारतीय न्याय संहिता 2023, नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत पीड़ित मुआवजा, महिला थाना और दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। साथ ही वन स्टॉप सेंटर की भूमिका बताते हुए बताया गया कि यह केंद्र महिलाओं को पुलिस सहायता, परामर्श, स्वास्थ्य सेवाएं और कानूनी मदद एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। अंत में महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के दौरान 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई गई।


