सागर के प्रसिद्ध क्षेत्र रानगिर में रविवार को जिला क्षत्रिय महासभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को धर्म, संस्कृति और संस्कारों की ओर ले जाना है और नशे से बचाना है। समाज के संस्कारित और चरित्रवान लोगों को आगे बढ़ाने से समाज की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। महाराणा प्रताप कन्या छात्रावास की तरह समाज की बेटियों के लिए तहसील और ब्लाक स्तर पर छात्रावासों की व्यवस्था करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में लिखा है कि स्वार्थी व्यक्ति सूखी लकड़ी के समान है, जिससे न छाया मिलती है और न ही फल। परोपकार धर्म है और दूसरों को पीड़ा देना पाप है। दानवीर कर्ण ने इंद्र के मांगने पर अपने कवच-कुंडल तक दान में दे दिए थे। यही क्षत्रियों का इतिहास रहा है। कार्यक्रम के दौरान क्षत्रिय समाज की वैवाहिक पत्रिका का विमोचन किया गया। साथ ही रानगिर स्थित गुफा मंदिर स्थल पर निर्माण कार्य के लिए 5 लाख रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की। फूलमालाओं के जगह तिलक लगाकर स्वागत करें
पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज को आदर्श समाज बनाना है। समाज को आर्थिक, शैक्षणिक रूप से सशक्त होना चाहिए। शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है इसी से आने वाली पीढ़ी सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ सकेगी। उन्होंने कहा कि फूल मालाओं से अतिथियों का स्वागत करना हमारी संस्कृति में नहीं था। क्षत्रिय युद्ध पर जाता तो तिलक और आरती से उसका स्वागत सम्मान होता था। हमें फूल मालाओं की जगह रोरी के तिलक से स्वागत की परंपरा पर चलना चाहिए। फूल मालाओं की जगह बच्चों के शिक्षण में काम आने वाली सामग्री भेंट करना चाहिए। समाज के लोगों से कहा कि हर तहसील ब्लाक में 20-25 सक्षम लोग समाज की बेटियों को शिक्षा में आगे बढ़ाने के लिए आगे आएं। आर्थिक सहयोग से किराये की जगह लेकर छात्राओं का निशुल्क कन्या छात्रावास संचालित करें। बेटियां पढ़ेंगी तो समाज तेजी से आगे बढ़ेगा। इस दौरान क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह, क्षत्रिय महासभा की महिला विंग अध्यक्ष प्रीति सिंह, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, तहसील अध्यक्ष अभिजीत सिंह गोल्डी, प्रवक्ता राजेश सिंह परासरी, संरक्षक रितु राहुल सिंह पीपरा, सीमा ठाकुर बन्नाद, नंदिनी राजपूत खुरई, ज्योति चौहान, अंकिता गौर, निरूपमा गौर, विशाखा सिंह, सविता ठाकुर, देवेन्द्र सिंह मिंटू चौरा, अनिरूद्र सिंह सरपंच रानगिर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।


