धनबाद की खनिज संपदा का उपयोग करते हुए कोयला आधारित उद्योगों के विकास तथा नए लघु उद्योगों की स्थापना के लिए आईआईटी आईएसएम अपनी पूरी तकनीक लगाएगी ताकि धनबाद और झारखंड में आत्मनिर्भर भारत की योजना सफलीभूत हो सके। इस दिशा में झारखंड सरकार भी काम कर रही है। झारखंड के विकास के लिए समृद्ध स्वास्थ्य सेवा भी आवश्यक है। । मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खुल रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के निदेशक आईएएस शशि प्रकाश झा ने कहा। वे रविवार को राजविलास रिजॉर्ट कौवाबांध में एल्यूर सोसाइटी, झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन एवं आईआईटी आईएसएम के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय इमर्जिंग झारखंड कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा का उपयोग कर यहां के उद्यमियों के सहारे झारखंड में वृहद व लघु उद्योगों का जाल बिछाया जा सकता है। इमर्जिंग झारखंड के संयोजक आईआईटी आईएसएम की प्रोफेसर शालिनी गौतम ने कहा कि कोल एवं क्रिटिकल मिनरल का पूरा उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। तकनीक विकसित कर यहां के उद्योगपतियों और लघु उद्यमियों के सहयोग से उद्योगों का विकास होगा। इसमें आईआईटी आईएसएम का पूरा सहयोग रहेगा। एल्यूर सोसाइटी के अध्यक्ष देव जिंदल ने कहा कि झारखंड में इस तरह का पहला कार्यक्रम किया गया है। वह देश के अन्य भागों में भी ऐसे आयोजन करते रहे हैं और आगे भी झारखंड में करेंगे। झारखंड इंडस्ट्रीज और ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अमितेश सहाय ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, खनन, पर्यटन व महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देना होगा। महासचिव राजीव शर्मा ने कहा कि जिटा ने आयोजन के लिए एक मंच दिया, जिसमें सभी क्षेत्र की हस्तियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कोषाध्यक्ष नंदलाल अग्रवाल ने सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया। पद्मश्री जमुना टुडू ने वन बचाने के तरीके बताएं। कहा कि किस तरह काफी संघर्ष कर उन्होंने लोगों को जागरूक किया और सिंहभूम क्षेत्र में वनों की कटाई पर रोक लगाई। शिक्षा, चिकित्सा व उद्योग जगत के प्रमुख लोगों को सम्मानित किया गया। मौके पर धनबाद विधायक राज सिन्हा, कार्यक्रम के सह संयोजक आईआईटी के प्रो. डॉ. अमृत आनंद, डॉ. साहिद अली खान, शंभूनाथ अग्रवाल, चेतन गोयनका, विमल तुलस्यान, विशाल अग्रवाल, डीएन सिंह, एजाज अहमद, संदीप, बजरंग, आदित्य आदि थे। धनबाद में शिक्षा व्यवस्था पर भी हुई चर्चा सत्र को आरएस मोर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण सिंह, दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्य डॉ. सरिता सिंह व क्रेडो वर्ल्ड स्कूल की प्राचार्या शर्मिला सिन्हा ने संबोधित किया। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में धनबाद की काफी तरक्की हुई है। जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना इमर्जिंग झारखंड संभव नहीं है। स्वास्थ्य सत्र को संबोधित करते हुए असर्फी अस्पताल के निदेशक हरेंद्र सिंह व इमेजिका के डॉ. मिहिर झा ने कहा कि धनबाद चिकित्सा व्यवस्था काफी विकसित हुई है। झारखंड इमर्जिंग कॉन्क्लेव के समापन समारोह मेंं मंचासीन लोग।


