भरतपुर के उन इलाकों के लोगों के लिए एक बड़ी खबर है, जो हाल ही में नगर निगम में शामिल हुए हैं। अगर आपका घर या दुकान अब नगर निगम की सीमा में आता है, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि जल्द ही आपके घर पर नगर निगम की टीम दस्तक दे सकती है। नगर निगम ने अब नए इलाकों में सर्वेक्षण का अभियान शुरू कर दिया है, ताकि हर संपत्ति का हिसाब-किताब लगाया जा सके। नगर निगम ने इस काम के लिए एक प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया है। यह टीम आपके इलाके में आएगी और आपकी संपत्ति से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाएगी। राजस्व अधिकारी तेजराम मीना ने बताया कि इस सर्वेक्षण के बाद ही आपकी संपत्ति का रिकॉर्ड नगर निगम में दर्ज होगा और उसके आधार पर आपका टैक्स तय होगा। इसके साथ ही इन नए क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। यह इसलिए भी जरूरी… शायद आप सोच रहे होंगे कि यह सब क्यों हो रहा है? दरअसल, जब आपका इलाका नगर निगम में आ गया है, तो आपको नगर निगम की सभी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। जैसे साफ-सफाई, सड़क, पानी और गली की रोशनी। इन सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए निगम को पैसे चाहिए, जो टैक्स के रूप में आपसे वसूले जाएंगे। ये गांव अब निगम में शामिल 1. ग्राम पंचायत बछामदी: बछामदी, बरेला का नगला, नगला कसौटा, नगला हींस। 2. ग्राम पंचायत बरसो: बरसो, जाटौली घना, नगला गोपाल, आराजी सालगा। 3. ग्राम पंचायत मडरपुर: मडरपुर, बराखुर, जिरौली, नगला लोधा। 4. ग्रापं मलाह: मलाह, नगला झीलरा। 5. ग्राम पंचायत रामपुरा: रामपुरा, नगला सैह, मडौली, नगला तेरहिया। 6. ग्राम पंचायत मुरवारा: मुरवारा, चक मुरवारा, अचलपुरा, मुण्डवा, गिरधरपुर, अड्डी, चक भांडोर। 7. ग्रापं तुहिया: तुहिया, टोंटपुर, भांडौर, घना भाडौर, चक भाडौर, नगला करन सिंह, चक नगला करन सिंह। 8. ग्राम पंचायत जघीना: भवनपुरा। ऐसे लगेगा संपत्ति पर हाउस टैक्स… 1. आपके मकान या दुकान का कितना क्षेत्रफल है 2. यह संपत्ति किस उद्देश्य से इस्तेमाल हो रही है (रहने के लिए, दुकान, या अन्य)। 3. इस पर कितना निर्माण हुआ है। “अगर आपके इलाके में सर्वेक्षण टीम आती है, तो उन्हें सही जानकारी दें। इससे आपका रिकॉर्ड सही बनेगा और भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। यह अभियान भरतपुर को एक बेहतर और सुंदर शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।” -श्रवण कुमार बिश्नोई, आयुक्त, नगर निगम भरतपुर


