निगम का दावा: सभी वार्डों में हफ्ते में 2 बार हो रही फॉगिंग हकीकत: फॉगिंग का ठेका खत्म, शिकायत पर पहुंचती है टीम शहर में एक भी वार्ड ऐसा नहीं है जहां के लोग मच्छरों से परेशान नहीं हैं। शाम होते ही लोग मच्छरों से परेशान होने लगते हैं। निगम का दावा है कि सभी वार्डों में हफ्ते में 2 बार फॉगिंग और एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है।
हकीकत में किसी भी वार्ड में फॉगिंग नहीं की जा रही है। इस वजह से मच्छरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। शहर से मच्छरों को कम करने निगम ने 4 करोड़ की योजना तैयार कर ली, इसके बावजूद शहर के लोग मच्छरों से परेशान हैं। निगम के हेल्पलाइन निदान 1100 में सफाई के बाद सबसे ज्यादा शिकायतें मच्छरों की ही दर्ज की जा रही हैं। निगम अफसरों के अनुसार मच्छरों पर नियंत्रण के लिए नवंबर 2024 में निगम ने प्राइवेट एजेंसी को ठेका दिया था। एजेंसी को यह ठेका 1.24 करोड़ में मिला। इसमें तीन महीने तक फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव करना था। लेकिन एजेंसी वालों ने इस काम में जबरदस्त लापरवाही बरती। अफसरों ने भी इस काम की मॉनिटरिंग नहीं की। नतीजा तीन माह के बाद कंपनी ने काम खत्म करने का दावा किया। बाद में इसी काम को जोनवाइज दे दिया गया। जोन में यह काम करने के बाद काम और खराब हो गया। अब शहर में फॉगिंग पूरी तरह से बंद है। इस वजह से मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है। लोग बड़ी संख्या में बीमार भी हो रहे हैं। लोगों ने बताया, हमने तो कभी नहीं देखा फॉगिंग होते यतियतनलाल वार्ड में रहने वाले शुभम मिश्रा ने बताया कि शाम के समय में मच्छरों का आतंक रहता है। मच्छरों से बचने के लिए दरवाजा बंद कर अगरबत्ती का सहारा लेना पड़ता है। लंबे समय से हमने फॉगिंग और नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव होते नहीं देखा। महामाया मंदिर वार्ड में रहने वाले पालेश्वर श्रीवास्तव के अनुसार हमारे घर के सामने चार फीट की गली है। जहां कभी फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ। नालियों में मच्छर पनप रहे हैं। शाम होते ही मोहल्लेवालों को परेशानी होने लगती है। ठाकुरपारा पुरानी बस्ती में रहने वाले आशीष ठाकुर ने कहा कि मच्छरों से पूरा मोहल्ला परेशान है। यहां फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव होते लंबे समय से नहीं देखा है। शिकायतों के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही। पार्षद भी नाराज, कर्मचारी कब-कहां जाते है बताते तक नहीं वार्डों में फॉगिंग और एंटी लार्वा पूरी तरह से ठप है। करोड़ों खर्च करने और शिकायतों के बाद भी व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं।
संदीप साहू, पार्षद वीर सावरकर नगर वार्ड मच्छरों से लोगों का हाल-बेहाल है। वार्ड में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कब हुआ है मुझे इसकी जानकारी ही नहीं है।
गोपेश साहू, पार्षद मोतीलाल नेहरू वार्ड वार्ड में फॉगिंग नहीं हो रही। यहां 10 बड़े एरिया हैं। टीम 15 से 20 दिन बाद पहुंचती है। लोगों की शिकायतें भी बढ़ रही हैं।
गज्जू साहू, पार्षद वीर शिवाजी वार्ड जेडएचओ को जिम्मेदारी
वार्डों में फॉगिंग हो रही है या नहीं इसकी मॉनिटरिंग के लिए निगम के जोन हेल्थ अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन ये सभी जेडएचओ सफाई के काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें फॉगिंग कहां हुई इसकी भी जानकारी नहीं होती है। हर जोन में कम से कम 5-5 फॉगिंग मशीन और पर्याप्त मानव संसाधन है। फिर भी फॉगिंग का काम नहीं हो रहा है। कर रहे हैं मॉनिटरिंग
शहर के हर वार्ड में फॉगिंग हो रही है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यही वजह है कि शहर में इस बार 18 ही डेंगू के मरीज मिले हैं। पिछले साल इनकी संख्या 68 थी।
-तृप्ति पाणिग्रही, स्वास्थ्य अधिकारी


