भास्कर न्यूज । बालोतरा राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को जिला मुख्यालय के नए बस स्टैंड परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस पहल से सार्वजनिक स्थानों पर सफाई के महत्व पर जोर देते हुए आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया गया। इस दौरान पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी, कलेक्टर सुशील कुमार यादव, एडीएम भुवनेश्वरसिंह चौहान, एसीईओ हीराराम कलबी, उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर मेहता, भाजपा जिला अध्यक्ष भरत मोदी, डीटीओ भगवान गहलोत समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि व नगर परिषद के स्वच्छता कर्मियों ने श्रमदान किया। उन्होंने झाडू लगाकर, कूड़ा एकत्र करके और साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता ही सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. अरुण चौधरी ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी या नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान शहर का चेहरा होते हैं और इनकी साफ-सफाई बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने बताया कि नगर परिषद स्वच्छता के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन जनभागीदारी के बिना यह कार्य अधूरा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में प्रशासन का सहयोग करें। इस अवसर पर विधायक डॉ. चौधरी, कलेक्टर सुशील कुमार यादव, एडीएम भुवनेश्वरसिंह चौहान ने नगर परिसर की ओर से स्थापित सद्भावना केंद्र के लिए सद्भावना वाहन को हरी झंडी दिखा रवाना किया। यह वाहन लोगों के घरों में अनुपयोगी पड़ी वस्तुओं को एकत्र कर उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम करेगा, ताकि वे वस्तुएं किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। उन्होंने उपस्थित लोगों और शहर के आमजन से एक मार्मिक अपील कर कहा कि हमारे घरों में कई ऐसी चीजें होती हैं जो हमारे लिए अब इस्तेमाल की नहीं रहतीं, लेकिन वे किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं। यह सद्भावना वाहन एक माध्यम है जो आपकी अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोग में लाने का काम करेगा। उन्होंने विशेष रूप से पुराने कपड़े, जूते, कंबल, किताबें, खिलौने और घर के छोटे सामान जैसी वस्तुओं को दान करने का आग्रह किया। नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर मेहता ने बताया कि एकत्र की गई सभी वस्तुओं को छांटा जाएगा, मरम्मत की जाएगी और फिर एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें शहर के गरीब व वंचित तबके के लोगों में वितरित किया जाएगा।


