गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6.5 किमी में मेट्रो ट्रेन के कमर्शियल रन के बाद अब टीसीएस चौराहा से रोबोट चौराहा तक 11 किमी में मेट्रो के कमर्शियल रन की दिशा में एक और कदम बढ़ गया है। 11 किमी लंबे इस रूट पर मेट्रो संचालन के लिए रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम निरीक्षण कर इंदौर से लौट चुकी है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस सेक्शन पर मेट्रो को आम यात्रियों के लिए चलाने की नई डेडलाइन मार्च 2026 तय की है। गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक 17.5 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस पूरे रूट पर 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6.5 किमी में मई 2025 में कमर्शियल रन शुरू किया जा चुका है। इस सेक्शन पर सितंबर 2023 में ट्रायल रन किया गया था। अब शेष 11 किमी के रूट पर मेट्रो चलाने की तैयारी अंतिम चरण में बताई जा रही है। हालांकि यह पूरा प्रोजेक्ट तय समय-सीमा से 2 साल पीछे चल रहा है। देरी के चलते कई बार कमर्शियल रन की संभावित तारीखें बदली गईं। ट्रैक, सिस्टम व तकनीकी पहलुओं का किया निरीक्षण आरडीएसओ की टीम तीन दिन तक इंदौर में रही और ट्रैक, सिस्टम व अन्य तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया। इस प्रक्रिया के बाद अब अगला चरण कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की मंजूरी का है। सीएमआरएस की टीम सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक स्टेशनों से जुड़ा शेष काम एक महीने में पूरा करने का दावा किया जा रहा है, ताकि फरवरी में सीएमआरएस को निरीक्षण के लिए बुलाया जा सके। एक से डेढ़ माह में मिलेगी एनओसी : सीएमआरएस से एनओसी मिलने में आम तौर पर एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए माना जा रहा है कि मार्च 2026 तक मेट्रो का संचालन आम जनता के लिए शुरू हो सकता है। स्टेशन की फिनिशिंग में ही सालभर लग गया : सितंबर 2023 में इंदौर में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा मेट्रो का ट्रायल रन किया गया था। उस समय कहा गया था कि स्टेशन लगभग तैयार हैं और केवल फिनिशिंग का काम बाकी है। फिनिशिंग को पूरा करने में भी कॉर्पोरेशन को करीब एक साल का समय लग गया।


