सैलानी बेहतर यादें ले जाते हैं, अब मौसम भी अनुकूल

भास्कर न्यूज| जैसलमेर स्वर्णनगरी के प्रति भारतीय सैलानियों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां कुछ साल पहले सिर्फ गुजरात व बंगाल के पर्यटक यहां आते थे वहीं अब देश भर के सैलानी जैसलमेर घूमने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं। दिवाली की सीजन रिकार्ड तोड़ रहने के बाद अब दिसंबर की सीजन से बेतहाशा उम्मीदें है। वर्तमान में आगामी 31 दिसंबर तक की बुकिंग हो चुकी है और शहर में अभी से ही सैलानियों की आवक का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार इस बार सैलानियों की आवक का आंकड़ा इतिहास रच सकता है। अब तक के टूरिस्ट सीजन में या फिर साल भर में इतने सैलानी नहीं आए जितने इस बार आएंगे। गौरतलब है कि 15 दिसंबर के बाद देश भर के कई राज्यों में स्कूलों में विंटर वेकेशन शुरू होने जा रहा है। जिसके चलते जैसलमेर की होटल व रिसोर्ट में 15 दिसंबर के बाद जबरदस्त बुकिंग है। स्वर्णनगरी में लगातार सैलानियों की आवक बढ़ रही है। जिसके चलते हर बार यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार दिसंबर 2022 में 6.73 लाख इंडियन व 4279 विदेशी सैलानी आए थे। इसी तरह 2023 के दिसंबर माह में 8.75 लाख इंडियन व 6115 विदेशी सैलानी, 2024 के दिसंबर में 9.70 लाख इंडियन व 6505 विदेशी पर्यटक आए थे। इस बार इंडियन पर्यटकों का आंकड़ा 15 लाख छू सकता है। शुरूआती दो सप्ताह में 5 लाख के करीब सैलानी आ चुके हैं और आगामी 15 दिनों में 10 लाख से ज्यादा आने की उम्मीद है। पिछले दिनों जैसलमेर को बदनाम करने के लिए कुछ इंफ्लुएंसर ने मुहिम चलाई थी, उन्हें नहीं पता है कि जैसलमेर के लोग और पर्यटन व्यवसायी अतिथि देवो भव की तर्ज पर पर्यटकों का स्वागत करते हैं। दिवाली सीजन के बाद ऐसा लग रहा था मानो आगामी दिसंबर सीजन पर इसका विपरीत असर पड़ेगा लेकिन ऐसा नहीं है। लगातार बुकिंग्स आ रही है और देश भर के पर्यटक यहां आना चाहते हैं। अब तो पर्यटन का रूप भी बदल रहा है। एज्यूकेशनल व डेस्टिनेशन वेडिंग के बाद अब बड़ी बड़ी कंपनियों की मीटिंग व सेमीनार भी यहां होने लगी है। सर्द मौसम में जैसलमेर से अच्छी जगह घूमने के लिए नहीं है। यहां आने वाले पर्यटक बेहतर यादें अपने साथ ले जाते हैं। शहर में गत दो तीन दिनों से एकाएक पर्यटकों की आवक बढ़ गई है। वीकेंड के चलते शनिवार से ही यहां बड़ी संख्या में सैलानी देखे जा रहे हैं। रविवार को भी शहर के यही हालात थे। सुबह सुबह शहर भर में पर्यटकों की भीड़ के साथ ही सोनार दुर्ग में तो दिन भर सैलानियों की रेलमपेल नजर आ रही है। दूसरी तरफ शाम ढलने के साथ ही सम व खुहड़ी के धोरों पर रौनक छा जाती है। गड़ीसर, पटवा हवेली, बड़ाबाग, कुलधरा आदि पर्यटन स्थलों पर बड़ी तादाद में पर्यटक नजर आ रहे हैं। मयंक भाटिया, होटल व्यवसायी

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