जैसलमेर में सप्ताह भर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। सोमवार को सीजन का पहला घना कोहरा छाया। शहर सहित नहरी क्षेत्र रामगढ़, मोहनगढ़ व नाचना में कोहरा छाया। इस दौरान विजिबिलिटी बहुत कम हो गई। कोहरे के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा वहीं कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ियों की रफ़्तार भी धीमी पड़ गई। लोग अलाव जलाकर खुद को सर्दी से बचाने का जतन करते देखे गए। मौसम विभाग की माने तो पिछले दिनों सर्दी का असर कम हो गया था। लेकिन अब दिन के साथ रात में सर्दी का असर बढ़ने लगा है। इससे रबी फसलों को फायदा होगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार क्रिसमस के बाद सर्दी जोर पकड़ेगी। घने कोहरे में समाया शहर जैसलमेर में सोमवार अलसुबह लोगों को घने कोहरे का सामना करना पड़ा। अचानक हुए मौसम में बदलाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या स्कूल जाते बच्चों को गाडी चलने वालों को हुई। विजिबिलिटी बेहद कम होने से ड्राइवर कम रफ़्तार में हेडलाइट जलाकर गाड़ी चलाते नजर आए। वहीँ कोहरे के कारण सर्दी का सर बढ़ जाने से लोगों ने अलाव जलाकर खुद का बचाव किया। वहीँ रविवार को बादलों व सूर्य देवता के बीच लुका छिपी का खेल चलता रहा। वहीं दिन का पारा 4 डिग्री गिर गया। जिससे दिन में सर्दी का असर फिर से चमक गया। सुबह सुबह काम पर जाने वाले लोग सर्दी से ठिठुरते नजर आए। शहर से गांवों तक सर्दी का असर गांवों से लेकर शहर के कुछ इलाकों में सर्दी से बचने के लिए सुबह सुबह लोगों ने अलाव का सहारा भी लिया। अधिकांश लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। पिछले दिनों न्यूनतम तापमान सामान्य से 1-2 व अधिकतम तापमान 3-5 डिग्री ज्यादा चल रहा था। लेकिन रविवार को न्यूनतम सामान्य से नीचे पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव हुआ। दिन के पारे में 4.9 डिग्री व रात के पारे में 1 डिग्री की गिरावट हुई। अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिन का पारा सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री कम रहा। क्रिसमस के बाद जोर पकड़ेगी सर्दी आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार क्रिसमस के बाद सर्दी जोर पकड़ेगी। रबी फसलों के लिए मौसम अनुकूल हो चुका है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि दिन में पिछले दिनों सर्दी का असर कम हो गया था। लेकिन अब दिन के साथ रात में सर्दी का असर बढ़ने लगा है। इससे रबी फसलों को फायदा होगा।


