शहर में हुए लगातार दो कोचिंग स्टूडेंट सुसाइड के बाद प्रशासन हरकत में आया। जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने जिला प्रशासन और कोचिंग संचालक हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ मे मीटिंग ली सरकार के द्वारा दी गई गाइडलाइन के बाद भी कहीं ऐसे हॉस्टल और पीजी है जो कि गाइडलाइन की पालना नहीं कर रहे। कोचिंग स्टूडेंट अभिषेक जो कि पीजी में रहता था वहां हैंगिंग डिवाइस नहीं लगी हुई थी। साथ ही हॉस्टल और पीजी संचालक की जिम्मेदारी होती है की बच्चों की पूरी तरह से मॉनिटरिंग करना कोचिंग क्लास में रेगुलर जा रहे हैं या नहीं टेस्ट के नंबर की जानकारी रखना। स्टूडेंट्स उसके बावजूद भी सुसाइड कर लेते हैं। कलेक्टर डॉ रविंद्र गोस्वामी ने बताया कि जिला प्रशासन, कोचिंग संचालक और हॉस्टल एसोसिएशन के साथ मीटिंग ली गयी थी। सरकार की गाइडलाइन का और क्या स्टूडेंट के लिए बेहतर कर सकते हैं इन सभी बातों पर चर्चाएं की थी। जो भी होस्टल या पीजी वाले सरकार की गाइडलाइन की पालना नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीजी में हुए सुसाइड को लेकर सवाल पर जहां हैंगिंग डिवाइस नहीं लगा हुआ था जिला कलेक्टर ने बताया कि
पीजी को लेकर सर्वे किया जा रहा है। कोटा शहर में काफी बड़ी संख्या में मौजूद है उसमें थोड़ा समय लगता है। आज हमारे द्वारा कोशिश की गई है राजीव गांधी नगर इलाके में जिला प्रशासन पुलिस सभी लोग मिलकर वॉक करेंगे। ताकि हम अंदर के इलाकों में मौजूद पीजी तक पहुंच सके। जल्द आ रहे हैं एग्जाम
कलेक्टर ने बताया कि JEE एग्जाम को लेकर हमने कोशिश करी है, बड़ा एग्जाम है 15 हजार बच्चे हैं। उनकी वन टू वन मार्किंग करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन तक कोचिंग वाले हॉस्टल वाले जिला प्रशासन पुलिस उन तक पहुंच सके। जीवन में हर दिन एग्जाम होता है कलेक्टर ने बताया कि एग्जाम पास में है परंतु जीवन में हर दिन एग्जाम होता है। आईआईटी और जेईई बहुत छोटे एग्जाम है जिंदगी में इससे बड़े भी एग्जाम होते हैं। मेरा सभी स्टूडेंट से यह कहना है कि प्लान बी हमेशा तैयार रखे किसी एग्जाम में पास होना या फिर फेल होना कई प्रकार के कारण होते हैं। जिला प्रशासन पुलिस हॉस्टल वाले सभी बच्चों को यही मेसेज देते है। राजीव गांधी हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि कलेक्टर के साथ मीटिंग हुई है। उन्होंने बताया कि पहले गेट कीपर की ट्रेनिंग हुई थी। हॉस्टल स्टाफ और गेटकीपर स्टूडेंट को होने वाला तनाव को महसूस कर सकेगा। अगर बच्चा खाना नहीं खाता है या फिर कोचिंग नहीं जाता है सुसाइड से पहले वह एक इंडिकेशन देता है तो उसे पूरी तरह से ध्यान दिया जाएगा। हमारे द्वारा 1000 एंटी हैंगिंग डिवाइस सभी पीजी में मुफ्त में लगवाएंगे।


