कोटपूतली में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से भारतीय भाषा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘अतीत के निर्झर’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रान्त अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने मुख्य अतिथि, जिलाध्यक्ष धूड़ाराम पद्म ने अध्यक्ष तथा वरिष्ठ साहित्यकार कल्याण गुर्जर ‘कल्याण’ एवं इकाई अध्यक्ष शिवम् शर्मा ‘विशेष’ ने विशिष्ट अतिथियों के रूप में मंच की शोभा बढ़ाई। डॉ० विवेक शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि राहिल ‘साधक’ ने परिषद् गीत गाया। जिला महामंत्री नवनीत गौड़ ने स्वागत उद्बोधन दिया। डॉ० ओमप्रकाश भार्गव ने भारतीय भाषाओं की जानकारी देते हुए बताया कि भाषाई विविधता भारत को विभाजित नहीं करती, अपितु सांस्कृतिक शक्ति के रूप में जोड़ती है। नवनीत गौड़ ने समसामयिक विषय ‘वन्दे मातरम्’ एवं ‘आनन्द मठ’ के महत्व पर चर्चा की। पुस्तक का किया विमोचन
कार्यक्रम में एक काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें गिरधारी सिंह ‘गिरधर’, गुरुदयाल भारती, प्रकाश प्रियम, कंचन वर्मा, भवानी ‘भूधर’, शम्भू दयाल गढ़वाल, वैद्य ओमप्रकाश जोशी, डॉ० अशोक मिश्र ‘कोविद’, धूड़ाराम ‘पद्म’, कल्याण गुर्जर ‘कल्याण’, महावीर शर्मा ‘सरस’, शिवम शर्मा ‘विशेष’, कन्नू सैनी, राजेश ‘कोकड़ा’, सूर्यकांत ‘चन्द्र’, राहिल ‘साधक’, प्रशान्त कुमार सहित कई कवियों ने विषय आधारित एवं स्वतंत्र रचनाएं प्रस्तुत कीं। इसी दौरान कवि प्रकाश प्रियम की पुस्तक ‘अतीत के निर्झर’ का विमोचन भी किया गया। ये रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में पुरुषोत्तम कृष्ण मिश्रा, अशोक पारीक, लक्ष्मीनारायण शर्मा, मनोज टांक, रामसिंह चौधरी, पूरण कसाणा, हरिसिंह बढ़ाणा, गजानन्द टीलावत, कोषाध्यक्ष नरेश बंसल, अंकित गौड, मनीष सैन, शीशराम चौधरी, योगेश चौधरी, विजेन्द्र यादव, दीपक शर्मा, पलक्षी, चंचल, भविष्य पटेल, रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं परिषद् के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में जिला उपाध्यक्ष डॉ० अशोक मिश्र ‘कोविद’ ने आभार व्यक्त किया, और वरिष्ठ कवि महावीर शर्मा ‘सरस’ ने प्रभावी मंच संचालन किया।


