झालावाड़ में जिलेभर के ई-मित्र संचालकों ने एक ही व्यक्ति को ई-मित्र कियोस्क और बैंक बीसी का संचालन करने की अनुमति देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मंगलवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा। ग्राम पंचायत ई-मित्र संचालक संघ समिति राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राठौड़ की अगुआई में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान निर्देशों के अनुसार एक व्यक्ति को ई-मित्र कियोस्क और बैंक बीसी का संचालन एक साथ करने की अनुमति नहीं है। संचालकों का कहना है कि कई स्थानों पर मानव संसाधन की कमी, कम लेन-देन और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग तकनीकी समझ रखने वाले व्यक्तियों का उपलब्ध होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र पर संचालित ई-मित्र को बैंक बीसी का संचालन भी करने की अनुमति देने की मांग की, ताकि ग्रामीण लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायत पर कार्यरत ई-मित्र संचालक ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच की देखरेख में कार्य करते हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी सरल और पारदर्शी रहती है। झालावाड़ जिले के लगभग 70 प्रतिशत ई-मित्र संचालकों के पास बैंक बीसी भी है। यदि इनमें से कोई भी एक सेवा बंद होती है, तो उनकी आय का स्रोत प्रभावित होगा। संचालकों ने मांग की कि यदि कोई कियोस्क संचालक कोई असंवैधानिक कार्य करता है, तो केवल उसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, न कि सभी संचालकों पर। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने ई-मित्र संचालकों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।


