चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में पहली बार आधुनिक एयर राइफल शूटिंग रेंज और आर्चरी रेंज पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी है। यह दोनों ही सुविधाएं पहले सैनिक स्कूल में उपलब्ध नहीं थीं। अब इन नई रेंजों के शुरू होने से स्टूडेंट्स को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतरीन मौके मिलेंगे। इन सुविधाओं का उद्घाटन मंगलवार को राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा किया जाएगा, जिससे स्कूल प्रशासन, छात्र और अभिभावक सभी उत्साहित नजर आ रहे हैं। पहली बार सैनिक स्कूल में बनी आधुनिक शूटिंग और आर्चरी सुविधा सैनिक स्कूल का मुख्य उद्देश्य हमेशा से ही अनुशासन, नेतृत्व और देशसेवा की भावना विकसित करना रहा है। अब इसके साथ-साथ खेलों में भी स्टूडेंट्स को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आधुनिक एयर राइफल शूटिंग रेंज और आर्चरी रेंज बनने से छात्रों को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्कूल परिसर में ही उन्हें उच्च स्तर की प्रैक्टिस का माहौल मिलेगा। यह सुविधा खासतौर पर उन बच्चों के लिए वरदान साबित होगी, जो शूटिंग और तीरंदाजी जैसे खेलों में रुचि रखते हैं। ओलंपिक और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का छात्रों को मिलेगा अवसर नई खेल सुविधाओं से उन छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा, जो भविष्य में ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, नेशनल गेम्स और अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का सपना देखते हैं। अब शुरुआती प्रशिक्षण से लेकर नियमित अभ्यास तक सब कुछ स्कूल में ही संभव हो पाएगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों को सही उम्र में सही संसाधन और मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। सैनिक स्कूल की यह पहल छात्रों के सपनों को साकार करने में मददगार होगी। दस मीटर आधुनिक एयर राइफल रेंज की विशेष व्यवस्था स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक एयर राइफल शूटिंग रेंज 10 मीटर की दूरी पर तैयार की गई है। यह रेंज पूरी तरह से मानकों के अनुसार बनाई गई है, जहां बच्चों को एयर राइफल चलाने का सुरक्षित रूप से ट्रेनिंग दिया जाएगा। इस रेंज में एक समय पर 10 बच्चे अलग-अलग पोजीशन में खड़े होकर व्यक्तिगत रूप से प्रैक्टिस कर सकते हैं। इससे बच्चों को प्रतियोगिता जैसी स्थिति में ट्रेनिंग लेने का अनुभव मिलेगा। एक साथ दस छात्रों के अभ्यास से बढ़ेगा आत्मविश्वास एयर राइफल शूटिंग रेंज में एक साथ 10 स्टूडेंट्स के प्रैक्टिस की व्यवस्था होने से बच्चों में कॉन्फिडेंस और कंपटीशन की भावना विकसित होगी। वे एक-दूसरे से सीखेंगे और अपनी गलतियों में सुधार कर पाएंगे। नियमित अभ्यास से उनकी एकाग्रता, संतुलन और धैर्य में भी सुधार होगा। शूटिंग जैसे खेल में मानसिक मजबूती बहुत जरूरी होती है और यह सुविधा छात्रों को उसी दिशा में तैयार करेगी। आधुनिक आर्चरी रेंज में चालीस छात्रों की एकसाथ प्रैक्टिस एयर राइफल के साथ-साथ स्कूल में आर्चरी रेंज भी तैयार की गई है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस आर्चरी रेंज में एक समय पर करीब 40 बच्चे एक साथ प्रैक्टिस कर सकते हैं। तीरंदाजी का खेल शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता को भी बढ़ाता है। इस रेंज में छात्रों को सही तकनीक, सही मुद्रा और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां से सीखने के बाद सिर्फ गेम्स में ही नहीं बल्कि फौज में भी मदद मिलेगी।


