हाउसिंग बोर्ड ने 190 करोड़ की संपत्ति बेची, 735 करोड़ के कर्ज से हुआ मुक्त

गृह निर्माण मंडल अब कर्जदार नहीं रहा। मंडल के 735 करोड़ का कर्ज शासन से चुका दिया है। पिछले दो साल के दौरान मंडल का फोकस पुरानी ऐसी संपत्ति िजनकी लंबे समय से बिक्री नहीं हो रही थी उन पर किया गया। उन्हें बेचने के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का बिक गई और 190 करोड़ राजस्व मिला। प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में कहा कि दो साल पहले गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्ति बिकी नहीं थी। इस वजह से 735 करोड़ कर्ज था। ये कर्ज चुकाने सरकार ने राशि उपलब्ध कराई। 30 प्रतिशत तक की छूट देने से 9 महीनों में ही 1251 संपत्ति बिक गई। अब भविष्य में ऐसी नौबत न आए इसके लिए नीति में बदलाव किया गया है। अब 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। नवा रायपुर में बन रहा 193 करोड़ का पीएम यूनिटी मॉल 193 करोड रूपए से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा टिकरापारा में 168 फ्लैट बनाने का प्रस्ताव है। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ का ऋण चुकाया गया। 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त कराई गई। नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। इससे 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। नवा रायपुर में मेडिकल हब नवा रायपुर को मेडिकल हब बनाने के उद्देश्य से मेडी सिटी विकसित की जा रही है। मेडी सिटी में 300 बिस्तरों वाला हॉस्पिटल बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा विकसित किया जा रहा है। एजु सिटी के अंतर्गत NIFT और NIELIT को भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा पहली बार किफायती जन आवास नियम, 2025 लागू किया गया है। कालोनाइजर्स द्वारा सामुदायिक खुले स्थान की अनिवार्यता 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। केंद्रीय रिफार्म के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में भी संशोधन किये गये है। औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम पहुँच मार्ग की चौड़ाई कम की गई है। उद्योगों और पर्यावरण प्रदूषण की निगरानी रियल टाइम सिस्टम से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों द्वारा पर्यावरणीय उत्सर्जनों के निगरानी हेतुरियल टाइम सिस्टम लागू की जा रही है। उत्सर्जन निर्धारित सीमा से अधिक होने पर तुरंत अलर्ट जारी होता है। तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई संभव होती है। कॉमन हज़ार्डस, अपशिष्ट उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा विकसित की गई है, इससे पर्यावरणीय जोखिम कम होंगे तथा उद्योगों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा। नवा रायपुर विकास का केंद्र बन रहा है।

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