सतना जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) का प्रभार सौंपने से जुड़े आदेश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने अंतरिम रोक लगा दी है। यह राहत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार आरख की याचिका पर दी गई। कोर्ट ने 28 नवंबर 2025 के आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को होगी। जूनियर अधिकारी को प्रभार देने पर आपत्ति याचिका में बताया गया कि पद से कार्यमुक्त हुए CMHO डॉ. एल.के. तिवारी ने डॉ. मनोज शुक्ला को प्रभार सौंप दिया, जबकि वे याचिकाकर्ता डॉ. आरख से कनिष्ठ हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है। परिपत्र का हवाला, कलेक्टर को ही अधिकार बताया अदालत को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 24 फरवरी 2021 के परिपत्र के अनुसार CMHO का प्रभार सौंपने का अधिकार केवल जिला कलेक्टर को है। पद से कार्यमुक्त अधिकारी को यह अधिकार नहीं है। कोर्ट ने नोटिस जारी किया, तीन हफ्ते में जवाब तलब न्यायमूर्ति मनिंदर एस. भट्टी ने शुरुआती तौर पर तर्कों को विचार योग्य मानते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। उनसे तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सतना के स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक स्तर पर हलचल देखी जा रही है। प्रभार को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। कलेक्टर ने हेल्थ कमिश्नर से मांगा मार्गदर्शन हाईकोर्ट के आदेश के बाद डॉ. विजय आरख ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मुलाकात कर आदेश की प्रति सौंपी। कलेक्टर ने मामले की जानकारी हेल्थ कमिश्नर तरुण राठी को देकर मार्गदर्शन मांगा है। कलेक्टर ने बताया कि डॉ. मनोज शुक्ला को केवल अस्थाई प्रभार दिया गया है। उन्हें वित्तीय अधिकार नहीं सौंपे गए हैं। CMHO की नियमित पोस्टिंग भोपाल से होने के बाद ही वित्तीय प्रभार दिया जाएगा।


