एग्जाम टाइम में ध्वनि-प्रदूषण- अफसरों पर हाईकोर्ट नाराज:बिलासपुर में रास्ता बंद, खुले में कचरा जलाने और लाउड स्पीकर बजाने पर कलेक्टर-कमिश्नर से मांगा शपथपत्र

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ध्वनि प्रदूषण, रास्ता बंद करने और खुले में कचरा जलाने जैसे मुद्दों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए अफसरों पर नाराजगी जताई है। जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण वातावरण में जीने और सोने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले में कलेक्टर और कमिश्नर को शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है। केस की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। दरअसल, दैनिक भास्कर ने शहर के साथ ही जिले के लोगों की समस्याओं को सामने लाने के लिए जनता की आवाज कॉलम से खबरें प्रकाशित करनी शुरू की हैं। इस कॉलम में आम लोगों द्वारा भेजी गई परेशानियां उनके नाम- पते के साथ प्रकाशित की जाती हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद स्थानीय स्तर पर कई समस्याओं का समाधान भी हुआ है। इसे देखते हुए अब हर दिन कई लोग अपनी समस्याएं दैनिक भास्कर के साथ अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। सोमवार को प्रकाशित तीन खबरों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और समस्याओं को जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की। गर्डर लगाकर रास्ता रोकने पर निगम आयुक्त से मांगा जवाब
सरकंडा क्षेत्र के शर्मा विहार और गीतांजलि सिटी कॉलोनी को जोड़ते हुए सड़क बनी है। जब गीतांजलि सिटी कॉलोनी डवलप हो रहा था तब इस सड़क का उपयोग किया जा रहा था। लेकिन, अब कॉलोनी विकसित होने के बाद बिल्डर ने शर्मा विहार के रास्ते पर गर्डर लगा रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें स्कूल जाने के लिए लंबा और वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद तब शुरू हुआ, जब एक कॉलोनाइजर ने शर्मा विहार के रहवासियों के लिए रास्ता बंद कर दिया। इस मामले में डिवीजन बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा कि नागरिकों की आवाजाही और बच्चों की शिक्षा प्रभावित होना गंभीर विषय है। प्रशासन इस विष्य पर जवाबदेही तय करे। हाईकोर्ट ने प्रकरण में नगर निगम आायुक्त को व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं। धार्मिक आयोजन के बहाने देर रात तक बज रहे लाउड स्पीकर
इसी तरह सरकंडा क्षेत्र के ओम विहार में ध्वनि प्रदूषण की समस्या से लोग परेशान हैं। यहां लाउडस्पीकर आधी रात से लेकर सुबह 8 बजे तक फुल वॉल्यूम में बजते रहते हैं, जिससे रहवासियों की उनकी नींद, स्वास्थ्य और काम पर असर पड़ रहा है। लोगों ने कई बार शिकायतें की। लेकिन, उन्हें समस्या से राहत नहीं मिली। लोग सुबह चार बजे शिकायत करते हैं, तब उन्हें रायपुर कंट्रोल सेंटर से उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी जाती है। आरोप है कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर लाउडस्पीकर लगातार बजाए जाते हैं, जैसे इस पर कोई प्रतिबंध ही न हो। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए टिप्पणी की है कि संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण वातावरण में जीने और सोने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। केस में कलेक्टर को शपथपत्र के साथ जवाब देने कहा गया है। खुले में कचरा जलाने से बच्चे- बुजुर्ग परेशान
नगर निगम के वार्ड नंबर 7 के कालिका नगर में ग्रामीण बैंक के पास हर दिन कचरा जलाने से आसपास रहवासी परेशान हैं। रोज यहां सुबह और शाम कुछ लोग कचरे के ढेर में आग लगा देते हैं। जिससे निकलने वाला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है और प्रदूषण को बढ़ाता है। धुएं के कारण घरों के अंदर तीखी बदबू फैल जाती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कतें होती है। परेशान लोगों ने नगर निगम से कई बार शिकायत की। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा समय पर कचरा नहीं उठाने के कारण लोग खुद ही कचरे को नष्ट करने के लिए उसमें आग लगा देते हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में कलेक्टर और निगम आयुक्त से शपथ पत्र मांगा है।

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