नरसिंहपुर जिले की पुलिस लाइन में होमगार्ड का वार्षिक कार्यालय निरीक्षण संपन्न हुआ। जबलपुर संभाग के डिविजनल कमांडेंट आशीष खरे ने यह निरीक्षण किया और डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड नरसिंहपुर के वार्षिक कार्यान्वेषण की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान होमगार्ड जवानों ने अनुशासित और उत्कृष्ट परेड प्रदर्शन किया, जिसकी डिविजनल कमांडेंट ने सराहना की। परेड के बाद, विभागीय नियमों के अनुसार होमगार्ड जवानों ने किट परेड का प्रदर्शन किया। इसमें जवानों की तैनाती, अनुशासन, साज-सज्जा और कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया गया। डिविजनल कमांडेंट ने जवानों से सीधे संवाद कर उनकी ड्यूटी, जिम्मेदारियों और कार्य अनुभवों पर चर्चा की। वार्षिक निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सम्मेलन था, जहाँ जवानों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना गया। उन्हें विभाग और शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं तथा नए नियम-निर्देशों की जानकारी भी दी गई। डिविजनल कमांडेंट ने बताया कि निरीक्षण का अनुभव बेहद सकारात्मक और संतोषजनक रहा। डिविजनल कमांडेंट ने यह भी जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस वर्ष से ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुरस्कार हर साल 6 दिसंबर को होमगार्ड स्थापना दिवस परेड में प्रदान किया जाएगा। इसी कड़ी में, नरसिंहपुर के होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों ने मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त किया है। डिविजनल कमांडेंट ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी यह बल इसी समर्पण और निष्ठा के साथ अपना कार्य जारी रखेगा।


