राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर के सभाकक्ष में प्राचार्य, संकुल समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विकासखंड स्रोत समन्वयक के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छात्रों के परीक्षा परिणाम में सुधार लाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने शिक्षकों को बच्चों के भविष्य को संवारने वाले ‘चेंज मेकर’ बताया। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करें, ताकि बच्चों के परीक्षा परिणाम बेहतर हो सकें। शिक्षकों को छात्रों को सही मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए भी कहा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय विकसित करने का सुझाव उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भवनों को पुस्तकालय के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे बच्चों में पढ़ने की प्रवृत्ति बढ़े। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शीतकालीन छुट्टी के दौरान बच्चों को गृह कार्य दिया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे। कमजोर परिणाम वाले स्कूलों की समीक्षा कलेक्टर ने विशेष रूप से कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में 60 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को नशे की प्रवृत्ति और अपराध से दूर रखने, उन्हें सुरक्षित रखने और सही मार्गदर्शन देने का आग्रह किया। टेस्ट के जरिए पढ़ाई की निगरानी के निर्देश बोर्ड परीक्षाओं के लिए बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। कलेक्टर ने टेस्ट के माध्यम से छात्रों की पढ़ाई की निरंतर निगरानी करने और उनकी प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में ऑनलाइन कक्षाओं, प्रश्न बैंक, कक्षा दसवीं और बारहवीं के लिए वर्ष 2025-26 के लक्ष्य-वार कमजोर विषयों और 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी भी दी गई। बायोमैट्रिक उपस्थिति और परीक्षा तैयारी पर जोर जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की कमी है, वहां स्मार्ट क्लास और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भी मदद ले सकते है। उन्होंने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थित के संबंध में कहा। उन्होंने कहा कि कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के लिए सभी शिक्षक मेहनत करते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाएं।


