ग्वालियर में धोखाधड़ी का आरोपी 7 साल बाद गिरफ्तार:खुद को बिजली कर्मचारी बताकर लिया था लोन, बाद में किस्त नहीं दी

ग्वालियर की कोतवाली पुलिस ने ठगी के एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले सात सालों से पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। आरोपी पर दो हजार रुपए का नकद इनाम घोषित था। पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी ने सात साल पहले खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया था और किस्तें न चुकाते हुए रकम हड़प ली थी। मामले में प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के जडेरूआ कलां इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस टीम जडेरूआ कलां स्थित एक धर्मशाला के पास पहुंची, जहां एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया। पूछताछ में वारदात को स्वीकार किया पकड़े गए आरोपी की पहचान 49 वर्षीय नरेश कुमार कडेरे (बाल्मीक), पुत्र छम्मन लाल, निवासी ग्राम जडेरूआ कलां, जाटव धर्मशाला के पास थाना गोला का मंदिर के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी साल 2018 से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा दो हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। 80 हजार का लिया था लोन 2018 में आरोपी नरेश कुमार ने खुद को एमपीईबी का कर्मचारी बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 80 हजार रुपए का लोन लिया था। जब लोन की किस्तें जमा नहीं हुईं तो बैंक ने जांच की, जिसमें सामने आया कि आरोपी बिजली विभाग का कर्मचारी नहीं है। इसके बाद तत्कालीन बैंक प्रबंधक चाचोलिया ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि ठगी के मामले में दो हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

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