देवास में मंगलवार को अजीजखेड़ी के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में रेलवे लाइन पर अंडर ब्रिज बनाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन गांव के बीच से गुजरती है, जिससे खेतों और श्मशान घाट तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि देवास-मक्सी रेलवे लाइन लगभग 1992-93 से ग्राम अजीजखेड़ी की आबादी से सटकर गांव के मध्य से गुजर रही है। इस लाइन के एक ओर अजीजखेड़ी गांव है, तो दूसरी ओर मुड़का गांव स्थित है। गांव के लगभग आधे कृषकों की कृषि भूमि मुड़का गांव की ओर सरकारी कांकड़ के पास स्थित है, जिसमें अनुमानित 70-80 सर्वे क्रमांक आते हैं। कृषि कार्य के लिए आवागमन का एकमात्र रास्ता गांव की आबादी से सटा एक पुल था, जो पिछले 10-11 वर्षों से बंद है। इससे किसानों को खेतों तक आने-जाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इसी रास्ते पर श्मशान घाट भी बना हुआ है, जो रेलवे लाइन से पहले है। रेलवे पटरी पार करके अर्थी ले जाने में भी ग्रामीणों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, मुड़का गांव की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क को जोड़ने में भी असमर्थता है, जिससे किसानों को अपनी फसलें लाने-ले जाने के लिए करीब 20-21 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ता है। आवागमन की इसी गंभीर समस्या के चलते कई किसान अपनी कृषि भूमि पर खेती भी नहीं कर पा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जनसुनवाई में आए आवेदकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अजीजखेड़ी के ग्रामीणों के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिलेभर से 80 से अधिक आवेदकों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर सिंह को बताईं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर संजीव कुमार जैन, संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित रहे।


