डिंडोरी में शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और कर्मचारियों ने बीएमओ डॉ. सतेंद्र परस्ते के खिलाफ शिकायत की है। मंगलवार को वे आयुष्मान प्रोत्साहन राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से मिले। कलेक्टर ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायतकर्ताओं में शामिल डॉ. डी.एस. मार्को ने बताया कि बीएमओ डॉ. सतेंद्र परस्ते पिछले तीन साल से पदस्थ हैं। उनके पास ग्रेजुएट की डिग्री है और उनका नाम ड्यूटी रोस्टर में भी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर आयुष्मान प्रोत्साहन राशि अपने खाते में ली है। डॉक्टर मार्को ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी जो पिछले एक साल से मातृत्व अवकाश पर हैं, उन्हें भी इस दौरान की प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसके अलावा, वार्ड बॉय आशुतोष रजक, जो सेवा नहीं दे रहा है, उसके खाते में भी राशि ट्रांसफर की गई है। ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को वास्तविक राशि नहीं मिल पा रही है। शिकायतकर्ताओं ने 60 प्रतिशत राशि के उपयोग में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है, जो अस्पताल की मरम्मत और दवाइयों की खरीद के लिए निर्धारित थी। उनका कहना है कि मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इस संबंध में बीएमओ डॉ. सतेंद्र परस्ते ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी गलत आरोप लगा रहे हैं और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। जानकारी के अनुसार, आयुष्मान प्रोत्साहन राशि योजना के तहत 40 प्रतिशत राशि डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को मरीजों के इलाज के लिए मिलती है। शेष 60 प्रतिशत राशि रोगी कल्याण समिति को साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों के लिए दी जाती है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शिकायत करने पहुंचे डॉक्टरों और स्टाफ से पूछा कि यह प्रक्रिया क्या ठीक है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब वह दो बार शहपुरा गई थीं, तब लिखित में शिकायत क्यों नहीं दी गई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने सभी को अंदर आकर बात करने को कहा।


