तानसेन समारोह: पूर्वरंग ‘गमक’ में सजेगी सुरों की महफिल:मशहूर गजल गायक चंदन दास अपनी गायकी से समा बांधेंगे; दुर्लभ यंत्रों से गुंजायमान होगा शहर

विश्व संगीत समागम ‘तानसेन समारोह-2024’ के तहत संगीत की नगरी ग्वालियर में पूर्वरंग कार्यक्रम जारी है। अभी दो बड़ी संगीत सभाएं हो चुकी है। इसी कड़ी में तानसेन समारोह की पूर्व संध्या यानि 14 दिसम्बर की शाम 6.30 बजे इंटक मैदान हजीरा पर पूर्वरंग ‘गमक’ की संगीत सभा सजेगी। ‘गमक’ में विश्व विख्यात गजल गायक चंदन दास अपनी गायकी से सर्द रात में समा बांधेंगे। दुनियाभर में गजल गायकी का परचम लहरा रहे चंदन दास ने ‘न जीभर के देखा न कुछ बात की, बड़ी आरजू थी मुलाकात की… जैसी तमाम गजलें गाकर देश और दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है। उनकी हिट एलबम में ‘कितने ही रंग’, ‘गज़ल उसने छेड़ी’, ‘इनायत’ व ‘गुजारिश’ शामिल हैं। उन्होंने कई लोकप्रिय धारावाहिकों एवं फिल्मों के लिए भी गायन किया है। साथ ही मुख्य धारा की फिल्मों के लिए भी संगीत दिया है। संगीत शिरोमणि तानसेन की याद में आयोजित होने वाले तानसेन समारोह का इस साल शताब्दी वर्ष है। राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस के सहयोग से आयोजित हो रहे समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। समारोह में शहर के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, संगीत प्रेमियों एवं पत्रकारगणों को आमंत्रित किया गया है। समारोह पूर्णत: नि:शुल्क है। 10 स्थानों पर दुर्लभ यंत्रों से गुंजायमान होगा शहर तानसेन समारोह के एक दिन पहले संगीत की नगरी ग्वालियर में दुर्लभ वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियां गूंजेंगीं। “तानसेन संगीत समारोह” शताब्दी आयोजन को ध्यान में रखकर समारोह में इस बार नए आयाम जोड़े गए हैं। जिसके तहत तानसेन समारोह के एक दिन पहले 14 दिसंबर को पूर्वरंग के रूप में संगीत की नगरी ग्वालियर के 10 प्रमुख स्थलों पर दुर्लभ वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां होंगीं। इनमें टाउन हॉल महाराज बाड़ा, बैजाताल, हस्सू-हद्दू खां सभागृह, जयविलास पैलेस, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय, शंकर गांधर्व महाविद्यालय, दत्त मंदिर, ग्वालियर किला व तानसेन कलावीथिका शामिल है। जानिए कहां, कौन कलाकार करेंगे संगीत की अराधना
शनिवार शाम 4.30 बजे महाराज बाड़ा स्थित टाउन हॉल में सतीश खानवलकर–अम्बरीष कालेले का मोहनवीणा वादन होगा। इसी तरह बैजाताल पर भूषण कोष्ठी द्वारा सुरबहार वादन व दत्त मंदिर में भिमण्णा जाधव द्वारा सुंदरी की प्रस्तुति दी जाएगी। पूर्वरंग के तहत हस्सू-हद्दू खॉ सभागृह में शारदा मुष्टी का रुद्रवीणा वादन, जयविलास पैलेस में श्रुति अधिकारी का संतूर वादन, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय सौरभ चौरसिया का नालतरंग वादन, शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय में अर्पिता शर्मा का रुद्रवीणा वादन, शंकर गंधर्व महाविद्यालय में हिमांशु सैनी का सरोद वादन, ग्वालियर किला पर उस्ताद अब्दुल सलाम नौशाद का क्लेरोनेट वादन एवं तानसेन कलावीथिका में पं. अवधेश द्विवेदी एवं अनमोल द्विवेदी का पखावज पर दुर्लभ वाद्यों की प्रस्तुतियां देंगे।

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