कांग्रेस के नेशनल मीडिया एवं कम्युनिकेशन प्रमुख और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य पवन खेड़ा गुरुवार को जयपुर आए। पार्टी की तरफ से आगामी दिनों में सड़क से संसद तक उठाए जाने वाले मुद्दे जीएसटी को लेकर प्रेसवार्ता की। जीएसटी को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। खेड़ा ने जीएसटी को ‘गब्बर सीतारमण टैक्स’ करार देते हुए इसे मिडिल क्लास, गरीब और किसानों के लिए घातक बताया। खेड़ा ने कहा कि जीएसटी लागू हुए 90 महीने हो चुके हैं, लेकिन इसका फायदा आम जनता को नहीं मिल सका। जीएसटी का 64 फीसदी हिस्सा देश कि 50 फीसदी आबादी ने दिया है, जबकि तीन फीसदी आबादी वाले अमीर लोगों ने महज दस फीसदी हिस्सा दिया है। जीएसटी की सबसे ज्यादा मार मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारी और गरीब आम जनता पर पड़ी है। उन्होंने एक सवाल पर दावा किया कि कभी बीजेपी व्यापारी वर्ग की पार्टी कहलाती थी। आज जयपुर के बाजार में मेरे साथ चलो। व्यापारी जीएसटी को लेकर कितने दुखी हैं। आज की तारीख में जीएसटी के 9 स्लैब हैं। कांग्रेस इसके खिलाफ संसद तक आवाज उठाएगी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संगठन महासचिव ललित तूनवाल, महासचिव जसवंत गुर्जर, प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी और विधायक अमित चाचाण भी मौजूद रहे। पहली बार किसानों के उपकरणों पर लगाया कर पवन खेड़ा ने कहा कि आजादी से आज तक किसानों के उपकरणों पर जीएसटी नहीं लगाया था। इस सरकार ने टैक्स आतंकवाद फैलाया। इन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया था, लेकिन टैक्स लगाकर किसानों की लागत दोगुनी कर दी। 5 साल में इनकम टैक्स में 240% की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी 177 % की बढ़ोतरी हुई। इसका आमजन को क्या लाभ मिला। बिजली, पानी, सड़क में किस क्षेत्र में सुधार दिखा? एक टैक्स का दावा, लेकिन पॉपकॉर्न पर तीन टैक्स : पवन खेड़ा ने कहा कि शुरू से ही परसेप्शन रहा है कि भाजपा बनियों की पार्टी है। आज ट्रेडर्स भी इससे परेशान हैं। हर चीज को वोट से तौलना पीएम मोदी का काम है। कांग्रेस का काम मजबूत विपक्ष की हैसियत से जनता की आवाज बुलंद करना है।बीजेपी वन नेशन वन टैक्स की बात करती है, लेकिन एक पॉपकॉर्न पर भी तीन टैक्स हैं। मोदी कायर, बिना टेलीप्रॉम्पटर मुंह नहीं खुलता: कांग्रेस मीडिया और कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के प्रमुख पवन खेड़ा ने पीएम नरेंद्र मोदी को कायर और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को उनका मुखौटा बताया है। मोदी तो हैं ही कायर। बिना टेलीप्रॉम्पटर एक शब्द नहीं बोल सकते है। अब तक के सबसे कायर प्रधानमंत्री। अगर कायर नहीं होते तो मीडिया के सवालों का सामना करते। पिछले 11 साल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की।


