भास्कर न्यूज| अलवर यूआईटी में कर्मचारी रिटायर तो होते हैं लेकिन नियुक्त नहीं हो रहे। इससे आधी यूआईटी खाली हो गई है। यूआईटी में 108 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 53 पद खाली है। साल 2024 में 7 कर्मचारी रिटायर्ड हुए थे। वहीं, इस साल करीब 5 अधिकारी-कर्मचारी रिटायर होने की कतार में हैं। यूआईटी में स्टाफ की घटती संख्या से आमजन के काम नहीं हो रहे। स्टाफ अधिक काम के बोझ का बहाना बनाकर अपने मूल काम भी नहीं कर रहे हैं। सरकार ने नगर नियोजन के उद्देश्य से यूआईटी का गठन किया था। लेकिन यूआईटी में उप नगर नियोजक (डीटीपी) व सहायक नगर नियोजक (एटीपी) का पद ही खाली है। इससे शालीमार नगर व विज्ञान नगर के बाद कई सालों से शहर का व्यवस्थित विस्तार करने के लिए कोई नई योजना नहीं आई। इसका फायदा उठाकर भू-माफिया बेतरतीब तरीके से कॉलोनिया बसा रहे हैं। यूआईटी में मुख्य पदों पर अधिकारी नहीं होने से अतिरिक्त चार्ज व डेपुटेशन से काम हो रहा है। पिछले छ: माह से उपनगर नियोजक क्षेत्रीय कार्यालय की डीटीपी संध्या सैनी को यूआईटी में डीटीपी का अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। वहीं, चार साल से एईएन हिमानी भार्गव के पास एटीपी का अतिरिक्त चार्ज है। अतिक्रमण निरोधक अधिकारी का भी पटवार ट्रेनिंग स्कूल के तहसीलदार अनिल शर्मा के पास अतिरिक्त चार्ज है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता का पद भी खाली है। अधिशाषी अभियंता के 3 स्वीकृत पदों पर 2 कार्यरत हैं। इसमें भी एक्सईएन योगेंद्र कुमार का एसई के पद पर प्रमोशन हो गया है। इससे वर्तमान में यूटाईटी में 2 एसई हो गए है। नियमानुसार इनमें से एक एसई का ट्रांसफर होगा। यूआईटी में भवन निर्माण स्वीकृति, भू-उपयोग परिवर्तन, भू-खण्डों का उप नियोजन एवं पुनर्गठन और ले आउट पास करने की पेंडेंसी बढ़ रही है। अधिकारी- कर्मचारी काम के बोझ का बहाना बनाकर आमजन का काम अटका देते है जबकि बिल्डर्स के काम धड़ल्ले से किए जा रहे है। यूआईटी में जहां आमजन के पट्टे जारी करने की कोई योजना नहीं है, वहीं बिल्डर्स के 200 पट्टे जारी करने की तैयारी की जा रही है। सबसे ज्यादा सहायक कर्मचारियों के पद खाली: यूआईटी में सहायक अभियंता सिविल के 4, कनिष्ठ अभियंता सिविल के 11, कनिष्ठ अभियंता विद्युत के 2, कनिष्ठ सहायक के 6, फोरमैन के 2 और सहायक कर्मचारी के 13 पद खाली हैं। इसके अलावा भवन निरीक्षक, नगर नियोजन, कार्यालय सहायक, कनिष्ठ प्रारूपकार, वरिष्ठ सहायक, ट्रेसर, वाहन चालक, इलेक्ट्रशियन, हेल्पर, कम्प्यूटर ऑपरेटर और भू-अभिलेख निरीक्षक के एक-एक पद रिक्त है। ऑफिस के मुख्य काम भी संविदा कर्मियों के भरोसे हो रहे हैं। इसके अलावा यूआईटी पार्क, अतिक्रमण निरोधक दस्ते व सुरक्षा सहित अन्य कामों में गार्ड लगाए गए हैं।


