मप्र की सभी 23 हजार 250 पंचायतों में राज्य सरकार ने इंटरनेट कनेक्विटी करने के साथ लैपटॉप और कंप्यूटर बांट दिए थे। लेकिन विकास कार्य पुराने ढर्रे पर ही चल रहे थे। लेकिन इस साल राज्य की तरह मप्र की पंचायतें भी अपने विकास कार्याें का वार्षिक एजेंडा एडवांस में बना रही हैं। इस एजेंडे में गांव की सड़कें, कुंए, स्कूल, बाउंड्री, लाइट, तालाब सभी शामिल हैं। बीते 15 दिन में मप्र की 23,250 ग्राम पंचायत में से 15 हजार ने ऑनलाइन 5 हजार करोड़ रुपए के कामों की प्लानिंग बनाकर जनपद पंचायत को भेज दी है। इनमें से 8400 फाइलें तो जनपद से स्वीकृत होकर जिला पंचायत स्तर तक पहुंच गई हैं। ऐसा करने वाला मप्र पहला राज्य 20 जनवरी तक राज्य स्तर पर सभी 23,250 पंचायत के एडवांस प्लान को तैयार करवाने का लक्ष्य तय किया है। यह संभव हुआ मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा बनाए गए प्लानिंग सॉफ्टवेयर के की मदद से। ऐसा करने वाला मप्र पहला राज्य है, जिसने नरेगा के नियमित सॉफ्टवेयर के पैरलल प्लानिंग सॉफ्टवेयर बनाया है। इसे नरेगा मप्र की टीम ही ने डवलप किया है। बता दें कि 10 फरवरी को भारत सरकार के सामने नरेगा के तहत होने वाले कामों का प्रेजेंटेशन होगा, ताकि अगले वित्तीय वर्ष में समय पर बजट मिल सके। 20 तक सभी पंचायतों का प्लान आने की संभावना
नए सॉफ्टवेयर बनाने का केवल एक मकसद है कि ग्राम पंचायत में होने वाले काम की एडवांस प्लानिंग बन सके। प्रक्रिया बेहद आसान बनाई है और बहुत अधिक तकनीक में जाने की बजाय हमने केवल काम की संख्या व पुराने काम का फीसदी पूछा है। अब तक 15 हजार से अधिक पंचायत ने अपना प्लान बना लिया है। 20 तारीख तक सभी पंचायतों का प्लान आने की संभावना है।
– अवि प्रसाद, आयुक्त मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद


