भास्कर न्यूज | बालोतरा जेरला गांव की सरहद में जिला परिवहन कार्यालय संचालित हो रहा है, इसके साथ ही यहां पर महिला नर्सिंग छात्रावास होने से जेरला गांव की घनी आबादी बसी हुई है। ऐसे में डीटीओ ऑफिस में कामकाज से पहुंचने वाले लोगों व ग्रामीणों को बालोतरा से आवागमन के लिए गांव के रास्ते से गुजरना पड़ता है। जहां पर मार्ग के दोनों तरफ उगी बबूल की झाड़ियों से आवागमन प्रभावित हो रहा है। पचपदरा रोड से जाने वाले इसी तरह से औद्योगिक क्षेत्र चतुर्थ चरण जाने वाला मुख्य बायपास मार्ग भी स्थित है, जहां पर भी संकेतक बोर्ड नहीं लगा हुआ है। ऐसे में डीटीओ ऑफिस जाने वाले कई अनजान लोग भूल से इंडस्ट्रीयल एरिया वाले रास्ते पर चले जाते हैं, आगे जाने पर फिर वापस गोता लगाकर जेरला गांव आना पड़ता है। इसके साथ ही डीटीओ ऑफिस के पीछे की साइड में जिला अस्पताल का निर्माण कार्य भी करीब-करीब पूरा हो गया है। वहीं इस मार्ग पर महिला नर्सिंग छात्रावास व कॉलेज होने के कारण नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यहां पर लोगों की आवाजाही दिन भर लगी रहती है, लेकिन जगह-जगह संकेतक बोर्ड नहीं लगे होने व मार्ग पर बबूल की झाड़ियां उगी होने से लोगों को हरदम परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


