शहर में इस साल अब तक 7,500 लोगों से 90 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी हुई है। अहम बात यह है कि इनमें से करीब 5 प्रतिशत मामले पिग बुचरिंग स्कैम के हैं। यह साइबर धोखाधड़ी का ऐसा तरीका है जिसमें बदमाश महिला बनकर लोगों को चैटिंग में फंसाते हैं और दोस्ती कर लेते हैं। इसके बाद उन्हें निवेश के माध्यम से रुपए बनाने का लालच देते हैं। पुलिस के मुताबिक इस साल इंदौर में ऐसे 350 से ज्यादा केस सामने आए हैं। इनमें से कई तो हताशा में आत्महत्या की सोचने लगे हैं। बदनामी के डर से चुप रहे बुजुर्ग, आत्महत्या की सोचने लगे
लसूड़िया थाना इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग को अनजान नंबर से मैसेज आया। प्रोफाइल में महिला का फोटो लगा था। दोनों में बातचीत शुरू हुई। महिला ने बुजुर्ग को चैटिंग में बताया कि वह एक नामी कंपनी में शेयर ट्रेडिंग करती है। रोजाना बातचीत में उसने बुजुर्ग को निवेश के लिए राजी कर लिया। शुरुआत में उन्हें रिटर्न भी दिया। बाद में पेंशन और पीएफ के 30-35 लाख रुपए ठग लिए। बदनामी के डर से बुजुर्ग ने कई दिनों तक बात नहीं बताई। वे आत्महत्या का विचार भी करने लगे थे। बाद में उनकी काउंसलिंग हुई। 7 लाख रुपए अटक गए
भंवरकुआं में एक व्यापारी के बेटे से भी सोशल मीडिया अकाउंट पर एक युवती की दोस्ती हुई। युवती विदेशी थी और अंग्रेजी में चैट कर रही थी। उसने युवक को क्रिप्टो करंसी में निवेश करने की राय दी। कहा कि हम क्रिप्टो को डॉलर में खरीदेंगे। फिर उसने युवक से पैसे लेना शुरू कर दिए। जब मोटी रकम हो गई तो संपर्क बंद कर दिया। छात्र ने नेशनल साइबर साइट पर शिकायत की। बड़ी मुश्किल से उसके 2 लाख वापस आए। करीब 7 लाख अटक गए। हनी ट्रैप जैसा… इसे रोमांस प्लस स्कैम भी कहते हैं
पिग बुचरिंग नाम चीनी शब्द ‘Sha Zhu Pan’ से लिया है। इसका मतलब भरोसा जीतना और वजन बढ़ाकर काट देना है। जैसे पहले कसाई खिला-पिलाकर सूअर को मोटा करता है और बाद में उसे काट देता है। क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पिग बुचरिंग स्कैम को रोमांस प्लस स्कैम भी कहा जाता है।


