ग्वालियर से श्योपुर तक ट्रेन से सफर करने का सपना अंचलवासियों के लिए लगातार लंबा होता जा रहा है। ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना अब तक करीब 15 माह लेट है। पहले रेल प्रशासन ने मार्च 2025 तक काम पूरा करने का दावा किया था, लेकिन बाद में समय-सीमा मार्च 2026 की गई और अब जून 2026 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। जबकि जुलाई व अगस्त तक श्योपुर तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया। ऐसे में ग्वालियर से श्योपुर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने में लोगों को 8 माह और इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग सेक्शनों में काम की गति धीमी होने से यह स्थिति बनी है। प्रस्ताव भेज दिया कोटा मंडल के डिप्टी सीई गौरव मिश्रा के अनुसार श्योपुर से कोटा तक नई रेललाइन के लिए एस्टीमेट मंजूरी का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। नए बजट में मंजूरी मिलने पर जमीन अधिग्रहण होगी। इसके बाद रेल लाइन बिछाने के टेंडर होंगे। श्योपुर-कोटा रेल लाइन से 129 किमी कम होगा सफर ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन को भविष्य में राजस्थान के कोटा से जोड़ने की योजना है। श्योपुर से कोटा (दीगोद) तक करीब 93 किमी नई ब्रॉडगेज रेललाइन बिछाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने रेलवे बोर्ड को एस्टीमेट मंजूरी का प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इस नई लाइन पर जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। श्योपुर-कोटा रेललाइन बिछने के बाद ग्वालियर से कोटा की दूरी 129 किमी कम हो जाएगी। वर्तमान में शिवपुरी-गुना होकर कोटा से ग्वालियर की दूरी 413 किमी है, जिसमें यात्रियों को करीब 11 घंटे का समय लगता है। नई ग्वालियर-श्योपुर-कोटा ब्रॉडगेज लाइन की लंबाई 284 किमी होगी, जिससे यात्रा समय घटकर 9 घंटे रह जाएगा। नए साल में सबलगढ़ तक चलने की उम्मीद वर्तमान में ग्वालियर से कैलारस तक ट्रेनें चलाई जा रही हैं। कैलारस से सबलगढ़ सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। इस खंड का सीआरएस निरीक्षण भी हो गया है, लेकिन अब तक यहां ट्रेन संचालन शुरू नहीं हो पाया है। संभावना है कि जनवरी में ट्रेन सबलगढ़ तक चल सकती है। वीरपुर से सबलगढ़ सेक्शन का 2 माह के भीतर सीआरएस निरीक्षण हो सकता है। वीरपुर से सिरौनी (36 किमी) सेक्शन का काम मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। अंतिम सिरौनी से श्योपुर खंड को जून तक पूरा करने का लक्ष्य है।


