गुना में अब प्राइवेट कंपनी करेगी कचरा कलेक्शन:अवैध नल कनेक्शन कटेंगे, 1.5 करोड़ से बनेंगे दस सेल्फी प्वाइंट; परिषद की बैठक में प्रस्ताव पास

गुना शहर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था अब प्राइवेट कंपनी संभालेगी। आज (गुरुवार) हुई परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया। कचरा कलेक्शन के लिए गाड़ियां नगरपालिका उपलब्ध कराएगी। गाड़ियों के ड्राइवर, हैल्पर, डीजल कंपनी उपलब्ध कराएगी, जबकि गाड़ियों के मेंटेनेंस का जिम्मा प्राइवेट कंपनी का होगा। नगरपालिका इसकी मॉनिटरिंग करेगी। बता दें कि 11 महीने बाद हुई नगरपालिका परिषद की बैठक की शुरुआत वार्ड 30 और 10 के नवनिर्वाचित पार्षदों का स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने सभी को नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद एजेंडे पर चर्चा शुरू हुई। 10 प्रस्ताव पास हुए। एंट्री गेट पर बनेंगे स्वागत द्वार
बैठक में यह प्रस्ताव आया कि ग्वालियर रोड़, इंदौर रोड़ और अशोकनगर रोड़ पर 2.50 करोड़ रुपए से स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट प्रदेश सरकार से मिलेगा। इसके अलावा 1.50 करोड़ रुपए से रिलायंस पेट्रोल पंप से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण होगा। बैठक में इस प्रस्ताव को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई। बैठक में कई पार्षदों ने यह मुद्दा उठाया कि सफाई कर्मी कम हैं। इस वजह से सफाई ठीक से नहीं हो पा रही है। इसलिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। इस पर बैठक में काफी गहमागहमी हुई। कई पार्षदों का कहना था कि हर वार्ड में कर्मचारियों की संख्या बराबर की जाए। इस पर विधायक प्रतिनिधि ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए परिषद पहले ही प्रस्ताव पास कर चुकी है, लेकिन शासन से इसकी अनुमति नहीं मिली। रही बात वर्तमान में जितने कर्मचारी हैं उनमें से कहीं बहुत ज्यादा तो कहीं बहुत कम की ड्यूटी लगाई जाती है, इसको दिखवाते हैं। वार्ड 22 के पार्षद राजू ओझा ने कहा कि सफाईकर्मी अपनी मनमानी करते हैं, समय पर नहीं आते। उन पर लगाम लगाई जाए और जरूरत पड़े तो कार्रवाई की जाए। विपक्ष के विरोध के बाद सेल्फी प्वाइंट का प्रस्ताव पास
बैठक में यह प्रस्ताव आया कि शहर के माधवराव सिंधिया मार्ग सहित दस जगह सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। 1.50 करोड़ की राशि से इनका निर्माण होगा। कांग्रेस के पार्षदों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि शहर में पेयजल का संकट होता है। कई जगह बोरिंग की जरूरत है, लेकिन वो काम न करा कर सेल्फी प्वाइंट बनाने का क्या मतलब है। हालांकि, कांग्रेस के 11 पार्षद होने के बावजूद भी केवल 6 कांग्रेस पार्षदों ने इसके विपक्ष में वोट किया। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। इसके अलाव माधवराव सिंधिया मार्ग पर 50 लाख रुपए की राशि से पार्क निर्माण के लिए भी परिषद ने स्वीकृति दी। अवैध नल कनेक्शन काटने पर चर्चा
बैठक में यह बात सामने आई कि शहर में लगभग 5 हजार अवैध नल कनेक्शन हैं। जब नपा की टीम इन्हें काटने जाती है, तो कनेक्शन न काटने के लिए सिफारिश आ जाती है। लोग फोन लगाते हैं और कहते हैं कि ये उनका आदमी है, इसका कनेक्शन न काटा जाए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। सभी पार्षदों ने हाथ उठाकर इस निर्णय पर समर्थन दिया। विपक्ष बोला- सेल्फी प्वाइंट पर करोड़ों खर्च करने का क्या औचित्य है?
परिषद की बैठक में पारित हुए प्रस्तावों पर नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ ने कहा कि ये प्रस्ताव केवल झुनझुना हैं। शहर के विकास के बारे में नहीं सोचा गया। ये जन विरोधी एजेंडा था। केवल एक लॉलीपॉप देने जैसा काम जनता के सामने लाया जा रहा है। बात विकास की करते हैं, लेकिन शहर में सड़कों की हालत बहुत खराब है। सफाई व्यवस्था ध्वस्त पड़ी है। नालियों की स्थिति जर्जर है, लोग बहुत परेशान हैं। वार्ड 4 की पार्षद रश्मि शर्मा ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त पड़ी है। कई जगह बेवजह कचरा कलेक्शन सेंटर बना दिए गए हैं। कचरा काफी समय तक नहीं उठता। सफाई कर्मी समय पर नहीं आते, लेकिन इन पर चर्चा नहीं हो रही है। केवल सेल्फी प्वाइंट बनाने पर चर्चा हो रही है, जब शहर ही साफ नहीं है, तो सेल्फी प्वाइंट पर करोड़ों खर्च करने का क्या औचित्य है? इन प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति

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