जिला मुख्यालय पर स्थित पंचायत समिति के भवन में गुरुवार को प्रधान नारायणसिंह राजपुरोहित की अध्यक्षता में पंचायत समिति की साधारण सभा हुई। बैठक में गांवों में पानी की व्यवस्था, डिस्कॉम और सड़कों के मुद्दे छाए रहे। बैठक के दौरान डिस्कॉम के सहायक अभियंता उचित जवाब नहीं दे पाए, इस कारण जालोर विधायक व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने फटकार लगाते हुए उन्हें एईएन एमएल सुथार को बाहर निकाल दिया। एक्सईन को बुलाने के लिए बोला। बैठक में बिजली,पानी व सड़कों के संबंधित विभागों के अधिकारी व्यवस्थित तैयारी के साथ नहीं आए, जिस कारण सही जवाब नहीं दे पाए। बैठक में जालोर एसडीएम मनोज ने सभी अधिकारियों को व्यवहार कुशल बनने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि काम तो हमें करना ही करना है, साथ ही अधिकारियों को अपने व्यवहार में सुधार भी लाना होगा। यह सदन है, सही तैयारी के साथ बैठक में आएं और जनप्रतिनिधियों की बातों को गम्भीरता से लेते हुए सदन की गरिमा को मेंटेन करें, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। एईएन नही दे पाए जबाव, गर्ग ने लगाई फटकार बैठक में सदस्य मंगनाराम चौधरी ने कहा कि कुछ साल पहले झूलते बिजली के तारों के कारण बड़ा हादसा हो गया था, जिसमें कई लोगों की जलने से मौत हो गई थी, ठीक उसी प्रकार से तार सामतीपुरा व सरदारगढ़ खेड़ा में विद्युत तार झूल रहे है, कई बार कहने के बावजूद डिस्कॉम के अधिकारी गम्भीरता से नहीं ले रहे हैं। सहायक अभियंता इसका जवाब भी उचित नहीं दे पाए, इस पर विधायक गर्ग ने एईएन को फटकार लगाते हुए बाहर निकाल दिया और एक्सईएन को बुलाने भेज दिया। इसी प्रकार आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने कहा कि नया ऊण गांव में ग्राम पंचायत ने एनओसी दे दी है, लेकिन पाइपलाइन तो डाली ही नहीं है। इस पर संबंधित अधिकारी उचित जवाब नहीं दे पाए। इसी प्रकार एक मामले में बागरा डिस्कॉम एईएन से जो जानकारी चाही तो उन्होंने झूठ बोल दिया, इस पर आहोर विधायक राजपुरोहित ने कहा कि झूठ बोलकर सदन को गुमराह किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। मेड़ा उपरला सरपंच प्रेमसिंह ने कहा कि चोरों ने क्षेत्र में कई हैंडपम्प चुरा लिए हैं, कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर पुलिस उपअधीक्षक गौतम जैन ने कहा कि इस प्रकार की रिपोर्ट मिले तो कार्रवाई जरूर करेंगे। तहसीलदार बोले-सरपंच सहयोग करें तो रास्ते चौड़ा करने का चलाएंगे अभियान बैठक में तहसीलदार बाबूसिंह राजपुरोहित ने कहा कि गांवों में रास्ते संकरे हैं, रास्तों को चौड़ा करने का अभियान चलाया जाएगा, इसके लिए सरपंचों को सहयोग करना होगा। सभी सरपंचों ने इसमें सहयोग का भरोसा दिलाया। इसी दौरान तहसीलदार ने कहा कि कई सरपंच कार्य को लेकर शिथिल हैं, उन्होंने सियाणा पंचायत के बारे में कहते हुए कहा कि बड़ी विडंबना है कि सियाणा सरपंच ने अभी तक आईडी मैप शुरू नहीं की। इससे म्यूटेशन ऑनलाइन की जानकारी नहीं मिल पाती। उन्होंने सभी सरपंचों को आईडी शुरू करने का अनुरोध किया। बैठक में विकास अधिकारी प्रदीप मायला ने प्राप्त सुझावों की अनुपालना के बारे में अवगत कराया।


