शहर के कोचिंग विद्यार्थियों को सुरक्षित व सकारात्मक माहौल देने के लिए कोटा हॉस्टल एसोसिएशन की ओर से गेट कीपर, हॉस्टल स्टाफ की ट्रेनिंग दोबारा से शुरू की जा रही है। अलग अलग सेशन में अधिक कोचिंग, हॉस्टल, मैस और संबंधित व्यवसाय से जुड़े लोगो को शामिल किया जाएगा। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी के साथ हुई मीटिंग में तय हुआ कि दोबारा से गेटकीपर हॉस्टल, मैस और संबंधित व्यवसाय से जुड़े लोगो को शामिल कर ट्रेनिंग दी जाएगी। जब बच्चे इस तरह के कदम उठाते है तो उससे पहले खाना छोड़ देता है। क्लास जाना छोड़ देता है। आत्महत्या करने से पहले वो इस तरह के काम करते है। स्टाफ बच्चो के चहरे पर तनाव को जान पाए इस तरह की ट्रेनिंग दोबारा से देगे। छोटे छोटे सेशन में 150 लोगो को परीक्षा से पहेले ट्रेनिंग को पूरा करने की कोशिश करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोटा पढ़ने आ रहे बच्चे हमारी जिम्मेदारी हैं। उन्हें घर से दूर परिवार जैसा माहौल मिले। उनके लिए हम चिंतित और सचेत रहें। उनकी गतिविधियां हमारी नजर में हो, यह सब इस शहर के लिए जरूरी है। कोटा कॅरियर के साथ केयर के लिए भी पहचाना जाए, इसी में हम सभी की सार्थकता है। इसके लिए किसी एक व्यक्ति के प्रयासों से काम नहीं चलेगा, हम सभी को उत्साहित होकर बच्चों की केयरिंग करनी होगी। जिला प्रशासन द्वारा जब ये पहले प्रयास शुरू किए गए थे। इनके सकारात्मक परिणाम भी आए और बदलाव भी हुआ है। कोचिंग क्षेत्र में हॉस्टल संचालकों, मैस संचालकों, कोचिंग कार्मिकों, गेट कीपर की ट्रेनिंग गत वर्ष से शुरू की गई थी और शहर में करीब 15 हजार से ज्यादा लोगों को यह ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें विद्यार्थियों के व्यवहार, उनके द्वारा पूछे जाने वाले सवाल व उनके द्वारा किसी भी घटना से पहले दी जाने वाली चेतावनी को समझने के बारे में बताया गया था।


