हरदा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में किसानों को फसलों के दैनिक ताजा भाव बताने वाले डिस्प्ले बोर्ड लंबे समय से बंद पड़े हैं। इससे मंडी में उपज बेचने आने वाले किसानों को सही और ताजा भावों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। हरदा कृषि उपज मंडी को करीब डेढ़ दशक पहले आदर्श मंडी के रूप में चयनित किया गया था। इसके बावजूद यहां भाव प्रदर्शित करने की व्यवस्था फिलहाल काम नहीं कर रही है। नीलामी शेड्स और मंडी परिसर में लगे डिस्प्ले बोर्ड बंद पड़े हैं। कुछ महीने पहले लगे थे नए बोर्ड मंडी सचिव हरनारायण भिलाला ने बताया कि नीलामी शेड्स में कुछ महीने पहले नए डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए थे और उन्हें चालू भी किया गया था। बारिश के बाद नमी या तकनीकी कारणों से ये बोर्ड खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के इंजीनियर अगले चार-पांच दिनों में आकर इन्हें दुरुस्त कर देंगे। 2005 से कई बार बदले गए बोर्ड हरदा मंडी में पहली बार वर्ष 2005 में डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन कुछ वर्षों बाद वे खराब हो गए। इसके बाद मंडी कैंटीन और पंजीयन स्थल पर भी बोर्ड लगाए गए थे, जो अब या तो दिखाई नहीं देते या चालू स्थिति में नहीं हैं। अन्य मंडियों के भाव भी दिखाए जाते थे इन डिस्प्ले बोर्डों पर न केवल हरदा मंडी के भाव, बल्कि प्रदेश की अन्य प्रमुख मंडियों के भाव भी प्रदर्शित किए जाते थे। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सही समय और सही स्थान चुनने में मदद मिलती थी। भावों की जानकारी के बिना बिक्री में दिक्कत डिस्प्ले बोर्ड बंद रहने से किसानों को मंडी में मौजूदा भावों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। किसानों को बिना स्पष्ट जानकारी के ही अपनी फसल की नीलामी करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


