खरगोन जिले के सनावद में नर्मदा जल लाने के लिए डाली जा रही पाइपलाइन राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। सनावद नगर पालिका ने मोरटक्का से सनावद तक इंदौर-इच्छापुर हाईवे को खोद डाला है। ठेकेदार ने खुदाई के बाद मटेरियल और मलबा हाईवे पर ही छोड़ दिया है, जिससे अब रोज हादसे हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस खुदाई के लिए हाईवे अथॉरिटी (NHAI) से कोई परमिशन भी नहीं ली गई है। इंदौर-खंडवा रोड पर खेड़ीघाट से मोरटक्का चौकी तक डामर की सड़क खोद दी गई है, जो NHAI के अधीन है। NHAI अधिकारियों का साफ कहना है कि उन्होंने सनावद नगर पालिका को परमिशन नहीं दी है। वहीं, मोरटक्का ग्राम पंचायत ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सरपंच का कहना है कि एक साल पहले ही 75 लाख रुपए की लागत से नई सड़क बनी थी। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं, इसलिए सड़क खोदने की अनुमति नहीं दी जा सकती। लापरवाही ने ली थी दो सगे भाइयों की जान ग्रामीणों ने बताया कि नगर पालिका की ऐसी ही लापरवाही पहले भी जानलेवा साबित हो चुकी है। सालभर पहले भी पाइपलाइन के लिए सड़क खोदी गई थी और मलबा वैष्णवी होटल के सामने बीच हाईवे पर छोड़ दिया गया था। उस वक्त बाइक फिसलने से दो सगे भाई ट्रक की चपेट में आ गए थे और उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार कोई सबक नहीं ले रहे हैं। दुकानों-घरों के सामने मलबे का ढेर मोरटक्का स्टेशन के रहवासियों दादू पटेल, अजय मिश्रा, आनंद राम पटेल और अन्य ने बताया कि बिना अनुमति सड़क खोदकर मटेरियल हमारे घरों और दुकानों के सामने पटक दिया गया है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों का यहां भारी दबाव रहता है। मलबे के कारण दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं।


