– जोधपुर के प्रकरण में अंतरिम जमानत के लिए लगाई थी अर्जी गुजरात के गांधी नगर आश्रम में एक महिला से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा के प्रकरण में उच्चतम न्यायालय से 31 मार्च तक की अंतरिम जमानत मिलने के बाद जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में भी राहत के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में लगी अर्जी पर सुनवाई शुक्रवार को टल गई। अब इस मामले में 14 जनवरी को जस्टिस दिनेश मेहता व जस्टिस विनीत माथुर की बेंच में सुनवाई होगी। चूंकि, जस्टिस विनीत माथुर शुक्रवार को अवकाश पर रहे, इसलिए इस मामले में सुनवाई नहीं हो पाई। उल्लेखनीय है कि जोधपुर जेल में बंद आसाराम की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट में भी अंतरिम जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी। इसके साथ उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रति भी संलग्न की गई है। इसमें बताया गया कि बीते कुछ सालों से आसाराम के स्वास्थ्य में तकलीफ, खासकर हार्ट की दिक्कत के चलते उसने आयुर्वेदिक इलाज लेने की ही सहमति दी। ऐसे में पुणे के माधव बाग और जोधपुर के निजी आयुर्वेदिक अस्पताल के साथ कई बार एम्स में भी भर्ती रहना पड़ा। आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में भी यही तर्क दिया कि उसे सही ढंग से इलाज व उचित माहौल की जरूरत है। आसाराम इलाज के लिए 13 बार जेल से अंदर-बाहर हो चुका है। अब राजस्थान उच्च न्यायालय में लगाई गई अर्जी में भी स्वास्थ्य का हवाला दिया गया है। गौरतलब है कि आसाराम को इस कोर्ट से इलाज के लिए तीन बार पैरोल मिल चुकी है, लेकिन वह अब अंतरिम जमानत पर बाहर आकर खुले माहौल में अपना इलाज करवाना चाहता है।


