कटनी के ग्राम इमलिया स्थित भंडारा आश्रम के संत भगवान दास ने जमीन कारोबारी सुशील मोटवानी पर जानलेवा हमले और हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। बुधवार को संत ने एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की मांग की। संत भगवान दास, जो पिछले 25-26 वर्षों से आश्रम में रह रहे हैं, इन्होंने बताया कि घटना 2 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे की है। उनके अनुसार, सुशील मोटवानी लगभग आधा दर्जन हथियारबंद लोगों के साथ आश्रम पहुंचा। हमलावरों के हाथों में तलवारें और अन्य धारदार हथियार थे। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी गाली-गलौज करते हुए उनकी ओर बढ़े, लेकिन संत अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले और झाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाई। आरोपी टॉर्च जलाकर उन्हें ढूंढते रहे। बाद में संत ने ग्रामीणों और 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पेड़ों की कटाई का विरोध बना हमले का कारण संत ने आरोप लगाया है कि यह हमला पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। उनके मुताबिक, सुशील मोटवानी ने आश्रम के पास जमीन खरीदी है और वह वहां तालाब की मेड़ पर लगे पुराने पेड़ों को अवैध रूप से कटवा रहा है। जब संत ने इन पेड़ों को काटने का विरोध किया, तो उन्हें रास्ते से हटाने के लिए यह हमला करवाया गया। पुलिस ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा पीड़ित संत ने एसपी को सौंपे पत्र में बताया कि आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति है, जिससे उनकी जान को लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि शिकायत मिल गई है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


