देवकीनंदन ठाकुर बोले ​​​​​​​-रील्स से नहीं, रियल से बचेगा धर्म:फोटो और मोबाइल की बीमारी ने भक्ति को नुकसान पहुंचाया,

मानसरोवर स्थित बीटी रोड मेला ग्राउंड में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने मोबाइल और रील्स की बढ़ती आदत पर खुलकर बात रखी। कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि आजकल लोगों को फोटो खींचने और रील बनाने की बीमारी लग गई है। उन्होंने कहा कि धर्म के मामले में अब ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि धर्म रील्स से नहीं, रियल जीवन से बचेगा। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज का दौर रील्स का हो गया है। लोग पूरी कथा सुनना नहीं चाहते, बल्कि शॉर्ट में सब कुछ देखना और समझना चाहते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रील्स के नाम से एक अलग ही डिपार्टमेंट बन गया है, लेकिन रील्स से न भक्ति बढ़ेगी और न कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने रील्स का त्याग कर रियल लाइफ में गोविंद को अपना लिया है, उनका ही कल्याण तय है। गोविंद रील नहीं, पूरी फिल्म देखता है कथा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि कुछ दिन लगातार दिखने से सब कुछ हो जाएगा, तो यह गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि दुनिया वाले तो फिर भी देख सकते हैं, लेकिन गोविंद ऐसे नहीं देखता। गोविंद कहता है कि वह रील नहीं, पूरी फिल्म देखेगा कि किसी ने अपने जीवन में क्या-क्या किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अगर फोटो खींचनी ही है, तो भगवान के हृदय में खींचिए, मोबाइल में नहीं। मोबाइल को उन्होंने “नाश पीटा” बताते हुए कहा कि इसका अर्थ होता है जो सबका नाश कर दे। उन्होंने कहा कि मोबाइल से बड़ा नाश पीटा आज के समय में कोई नहीं है। मोबाइल ने संस्कृति और रिश्तों का नाश किया देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि मोबाइल ने संस्कृति का नाश कर दिया है, कल्चर का नाश कर दिया है और रिश्तों का भी नाश कर दिया है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में दूरी और भावनात्मक खालीपन की एक बड़ी वजह मोबाइल बनता जा रहा है। इसी कारण कथा पंडाल में मर्यादा का पालन जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से माता-बहनों से अपील करते हुए कहा कि कथा के दौरान मोबाइल का उपयोग न करें। उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा हम मॉडर्न होते जाएंगे, उतनी ही सच्चाई और कल्चर हमसे दूर चला जाएगा। कथा पंडाल में शांति, ध्यान और अनुशासन ही भक्ति का आधार है। ‘नो रील, ओनली रियल’ का संदेश कथा के तीसरे दिन का संदेश देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यहां से एक शिक्षा लेकर जाना चाहिए। नो रील, ओनली रियल। धर्म में खासकर रियल जीवन जीना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा यही कहते हैं कि हिंदू दिखो मत, हिंदू बनो और सनातनी दिखो मत, सनातनी बनो। मानसरोवर के बीटी रोड मेला ग्राउंड में चल रही यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 21 दिसंबर तक जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

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