प्रतापगढ़ जिले के हल्दूपाड़ा डूंगलवाड़ी स्थित मां बाड़ी विद्यालय में बुधवार दोपहर अचानक 9 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दोपहर करीब 12 बजे पढ़ाई के दौरान बच्चों ने रतनजोत खा लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया बच्चों को तत्काल घंटाली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद शाम करीब 5:30 बजे सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी बच्चे जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा हैं। बीमार बच्चों में 4 बालिकाएं और 5 बालक शामिल हैं। इनमें उमरी पड़ा निवासी दशरथ(9) पुत्र राजू यादव, अनीता (6) पुत्री मुकेश यादव, नंतु (5) पुत्र मुकेश मीणा, जीग (6) पुत्री पप्पू मीणा, सकीना (6) पुत्री रामलाल मीणा, आशा (5) पुत्री कालूराम मीणा, दिव्यांश (5) पुत्र रामलाल मीणा, बनवारी लाल (5) पुत्र कचरू लाल डिंडोर और गूंजी (4) पुत्री प्रभु लाल निनामा शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों की तबीयत बिगड़ने के कारणों की जांच की जा रही है। रतनजोत के बीज होते है जहरीले रतनजोत एक पौधा है जिसकी जड़ और तेल का उपयोग रंग और दवा के लिए होता है, लेकिन इसके बीज जहरीले होते हैं और गलती से खाने पर उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी गंभीर बीमारियाँ होती हैं, क्योंकि इसमें पर्कोलिजिडाइन जैसे हानिकारक तत्व होते हैं। जो लीवर और फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर बच्चों के लिए यह बहुत खतरनाक है, जब वे इसे बादाम समझकर खा लेते हैं।


